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Allegations of pressure to convert two years after an Arya Samaj wedding; husband and in-laws arrested for assaulting the woman.
रायपुर: तेलीबांधा इलाके में एक महिला ने अपने पति और सास-ससुर पर मतांतरण के लिए दबाव बनाने, मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के आधार पर तेलीबांधा पुलिस ने पति विनीत सुता, सास विनीता सुता और ससुर अजय सुता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सतनामी पारा निवासी 26 वर्षीय तन्नू पटेल के मुताबिक उसकी पहचान सोशल मीडिया के जरिए विनीत सुता से हुई थी। बातचीत आगे बढ़ने के बाद दोनों ने वर्ष 2023 में आर्य समाज में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया।महिला का दावा है कि शादी के समय उसके पति और ससुराल वालों ने कहा था कि उसे हिंदू धर्म मानने में परिवार को कोई आपत्ति नहीं है। शुरुआत में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में उस पर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
महिला ने शिकायत में कहा है कि करीब दो महीने पहले बेटी के जन्म के बाद कथित तौर पर ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और बढ़ गई। उसका आरोप है कि मतांतरण से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और धमकी भी दी गई।महिला के अनुसार, हाल की घटना के बाद उसने अपने भाई, बहन और परिचितों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद वह शिकायत लेकर तेलीबांधा थाने पहुंची। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है।
तेलीबांधा पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर पति, सास और ससुर को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामले में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून के साथ मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच के साथ मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए बजरंग दल के सदस्यों के साथ थाने पहुंची थी। संगठन की ओर से पुलिस कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
डायसिसिस ऑफ छत्तीसगढ़ के सचिव नितिन लारेंस ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गलत है और समाज के साथ चर्चा के बाद चर्चों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति पर मतांतरण के लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सतनामी पारा का मामला पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़ा है या वास्तव में मतांतरण का, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल मामले में महिला के आरोपों के आधार पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी की कार्रवाई हो चुकी है। आरोपों की पुष्टि होना अभी जांच का विषय है। पुलिस महिला के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।