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Aman took his 12th exam lying on his bed; his courage outweighed his pain.
भिलाई। भिलाई के 16 वर्षीय छात्र अमन कुशवाहा ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे दर्द भी हार मान लेता है। गंभीर चोट के बावजूद Aman 12th exam on bed की कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है। 31 दिसंबर को मिलाई-3 फेज मार्ग पर सड़क दुर्घटना में उनकी कमर की हड्डी टूट गई। इसके बाद वे बिस्तर पर ही थे और उठ-बैठ भी नहीं पा रहे थे।
विशेष व्यवस्था में दी परीक्षा
अमन 12वीं बोर्ड की वाणिज्य (अकाउंट) परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। चोट के बाद उनके सामने साल बर्बाद होने का खतरा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर विशेष अनुमति मांगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को उन्हें एंबुलेंस से परीक्षा केंद्र लाया गया। वहां स्ट्रेचर पर लेटकर उन्होंने परीक्षा दी।
मां की चिंता, बेटे का आत्मविश्वास
अमन की मां सीमा देवी बेटे की हालत को लेकर चिंतित थीं, लेकिन उन्हें बेटे के जज्बे पर गर्व भी है। असहनीय पीड़ा के बावजूद अमन पढ़ाई से जुड़े रहे। उन्होंने साबित किया कि परीक्षा केवल कक्षा की नहीं, बल्कि हौसले की भी होती है।