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Amid the political turmoil over the EVM strong room, TMC created a ruckus and the Commission clarified, Mamata Banerjee herself entered the fray.
कोलकाता। पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में EVM स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं, देर रात तक जारी रहा हाई वोल्टेज ड्रामा
कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं। वे भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्र भी गईं और वहां सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक, वे करीब चार घंटे तक मौके पर मौजूद रहीं और पार्टी नेताओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
TMC नेताओं का आरोप: बिना सूचना स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया
TMC उम्मीदवार कुणाल घोष और मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। उनका दावा है कि बिना उम्मीदवारों को जानकारी दिए स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हुई। इसी के विरोध में दोनों नेता समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
निर्वाचन आयोग ने दी सफाई, कहा- पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत
विवाद बढ़ने के बाद चुनाव अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सील और सुरक्षित हैं। अधिकारियों के अनुसार, जो गतिविधि दिखाई गई वह केवल पोस्टल बैलेट की छंटनी से जुड़ी थी, जो नियमों के तहत की जा रही थी।
दोनों दल आमने-सामने, नारेबाजी से गरमाया माहौल
घटना के दौरान TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ‘जय बांग्ला’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ममता की मौजूदगी पर भी उठे सवाल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ममता बनर्जी की उत्तरी कोलकाता के स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूदगी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री भवानीपुर सीट की उम्मीदवार हैं, इसलिए वहां जाना उचित है, लेकिन अन्य केंद्रों पर उनकी मौजूदगी नियमों के दायरे से बाहर मानी जा सकती है।
एग्जिट पोल पर भी चर्चा, बंगाल में अनुमान को लेकर असमंजस
इस बीच एग्जिट पोल को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ एजेंसियों ने भाजपा को बढ़त दिखाई है, जबकि अन्य सर्वे में मुकाबला कड़ा बताया गया है। वहीं एक्सिस माय इंडिया ने पश्चिम बंगाल में पर्याप्त डेटा न मिलने के कारण स्पष्ट अनुमान देने से परहेज किया है।
स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी निगरानी के निर्देश
विवाद के बाद प्रशासन ने स्ट्रॉन्ग रूम पर अतिरिक्त CCTV कैमरे और डिस्प्ले स्क्रीन लगाने का आश्वासन दिया है। साथ ही सभी प्रत्याशियों को भरोसा दिलाया गया है कि बिना सूचना किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं होगी।