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Exit polls raise political temperature, power dynamics could change in many states
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद एग्जिट पोल सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के अनुमान अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है। अब सबकी नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है।
बंगाल में कांटे की टक्कर या भाजपा की बड़ी बढ़त?
कुछ एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि अन्य सर्वे इसे बेहद करीबी मुकाबला बता रहे हैं। वहीं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इन अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मुख्यमंत्रीममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 226 से अधिक सीटें जीतकर फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने एग्जिट पोल को प्रभावित और भ्रामक करार देते हुए इसे विपक्ष की रणनीति बताया।
असम में भाजपा की मजबूत स्थिति के संकेत
एग्जिट पोल के अनुसार असम में भाजपा को बड़ी जीत मिल सकती है। कई सर्वे में पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है, जिससे सत्ता में वापसी के संकेत मिल रहे हैं।
तमिलनाडु में द्रमुक की वापसी की संभावना
दक्षिण भारत के इस अहम राज्य में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के फिर से सत्ता में आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके भी इस बार चौंकाने वाला प्रदर्शन कर सकती है।
केरल में कड़ा मुकाबला, तस्वीर अब भी साफ नहीं
केरल में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती नहीं दिख रही है। यहां मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है, जहां दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर संभव है।
एग्जिट पोल पर सवाल भी उठे
कुछ एजेंसियों ने डेटा की कमी के कारण पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल जारी नहीं किया। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपनी पसंद जाहिर नहीं की, जिससे सटीक अनुमान लगाना मुश्किल हो गया।
फाइनल फैसला 4 मई को
एग्जिट पोल भले ही अलग-अलग संकेत दे रहे हों, लेकिन असली तस्वीर मतगणना के दिन ही सामने आएगी। तब तक सियासी बयानबाजी और दावे-प्रतिदावे का दौर जारी रहने वाला है।