

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Artificial waterfall and cooling system for white tigers at Maitri Bagh
मैत्री बाग में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच वन्य प्राणियों को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद मैत्री बाग प्रबंधन ने सफेद बाघों समेत सभी वन्य जीवों के लिए कूलिंग और हाइड्रेशन सिस्टम को मजबूत किया है।

मैत्री बाग प्रभारी डॉ. नवीन कुमार जैन ने बताया कि भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि वन्य प्राणियों पर भी पड़ता है। इसे देखते हुए प्रबंधन लगातार विशेष निगरानी और व्यवस्थाएं कर रहा है।

उन्होंने बताया कि मैत्री बाग में मौजूद पांच व्हाइट टाइगर गर्मी के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उनके बाड़ों में लगातार पानी भरा रखा गया है और कृत्रिम झरने की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें ठंडक मिल सके। इसके अलावा पिंजरों के पीछे ‘टायफा चटाई’ लगाई गई है, जिसे लगातार पानी से भिगोया जाता है। इससे बाड़े का तापमान करीब 10 डिग्री तक कम हो जाता है और अंदर का वातावरण लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है।

शाकाहारी वन्य जीवों जैसे सांभर, चीतल और ब्लैकबक के एन्क्लोजर में स्प्रिंकलर और मिस्ट सिस्टम लगाए गए हैं। पाइपलाइन और पंप की मदद से पूरे बाड़े में फुहारें छोड़ी जा रही हैं, जिससे वातावरण ठंडा बना रहता है। साथ ही जानवरों के लिए पानी से भरे मोट सिस्टम भी तैयार किए गए हैं ताकि ज्यादा गर्मी लगने पर वे पानी में जाकर राहत पा सकें।

पक्षी और बंदर सेक्शन में 75 प्रतिशत गर्मी रोकने वाले ग्रीन क्लॉथ लगाए गए हैं। यहां सुबह 9 बजे से शाम 6:30 बजे तक स्प्रिंकलर चलाए जाते हैं, जिससे वातावरण में नमी बनी रहती है और तापमान नियंत्रित रहता है।

डॉ. जैन ने बताया कि बंदरों को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरबूज और खरबूज जैसे पानी वाले फल दिए जा रहे हैं। वहीं मांसाहारी जीवों के भोजन में एंटी-हीट स्ट्रेस विटामिन भी शामिल किए गए हैं ताकि उनका स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
मैत्री बाग प्रबंधन का कहना है कि गर्मी के इस दौर में वन्य प्राणियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।