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Asaram gets partial relief from High Court, acquitted of some charges in rape case
नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से बुधवार को आंशिक राहत मिली है। कोर्ट ने गैंगरेप और नाबालिग के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों से उन्हें बरी कर दिया है, हालांकि नाबालिग से रेप मामले में उनकी सजा बरकरार रखी गई है।
किन आरोपों से मिली राहत
जानकारी के अनुसार, राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने आसाराम को आईपीसी की धारा 376(डी) और पॉक्सो कानून की धारा 5(जी) और 6 के तहत लगाए गए गैंगरेप और सामूहिक यौन शोषण के आरोपों से मुक्त कर दिया है।इसके साथ ही अदालत ने आपराधिक साजिश से जुड़ी आईपीसी की धारा 120(बी) के तहत भी उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
नाबालिग से रेप मामले में सजा बरकरार
हालांकि कोर्ट ने यह साफ किया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम की सजा अभी जारी रहेगी। इस मामले में उन्हें पहले से मिली उम्रकैद की सजा फिलहाल प्रभावी बनी रहेगी।फिलहाल आसाराम अस्थायी जमानत पर बाहर हैं और उनकी अंतरिम जमानत को हाल ही में सात दिन के लिए बढ़ाया गया था।
कौन हैं आसाराम
आसाराम का असली नाम असुमल हरपलानी है, जिनका जन्म अप्रैल 1941 में उस समय के पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र के बेरानी गांव में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार अहमदाबाद आ गया।उन्होंने 1960 के दशक में लीलाशाह को अपना आध्यात्मिक गुरु माना, जिन्होंने उनका नाम बदलकर आसाराम रखा। वर्ष 1972 में उन्होंने अहमदाबाद के पास मुटेरा में साबरमती नदी किनारे अपनी पहली कुटिया बनाई, जिसके बाद उनका आध्यात्मिक नेटवर्क धीरे-धीरे गुजरात से शुरू होकर देश के कई राज्यों तक फैल गया।