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marwahi gobar khaad scam ranger ramesh kumar khairwar suspended
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। वनमंडल मरवाही में सामने आए बहुचर्चित गोबर खाद घोटाले और कैंपा कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मरवाही के तत्कालीन रेंजर एवं वनक्षेत्रपाल रमेश कुमार खैरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक छत्तीसगढ़ श्रीनिवास राव वेमूला द्वारा जारी किया गया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2022 में गोबर खाद खरीदी के नाम पर कथित फर्जी भुगतान, संदिग्ध दस्तावेजों के इस्तेमाल और सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतें शासन स्तर तक पहुंची थीं। मामले की उच्चस्तरीय जांच में तत्कालीन रेंजर रमेश कुमार खैरवार की गंभीर लापरवाही और कथित संलिप्तता प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
बताया गया कि रमेश कुमार खैरवार 14 अगस्त 2023 से 28 दिसंबर 2025 तक मरवाही वन परिक्षेत्र में पदस्थ रहे। इसी दौरान कैंपा कार्यों और गोबर खाद खरीदी से जुड़े कई मामलों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच में सरकारी राशि के गलत उपयोग और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
वन विभाग की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव मानी जा रही है। फिलहाल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भुगतान, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।
इससे पहले कैंपा शाखा प्रभारी सहायक ग्रेड-2 भूपेंद्र साहू को भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर करीब 14.77 लाख रुपये के अवैध लेखा समायोजन और फर्जी एलओसी तैयार करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रदेशभर में चर्चा का विषय बने इस कथित महाघोटाले की गूंज विधानसभा तक पहुंच चुकी है। विपक्ष के हमलों के बाद सरकार भी मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है। लगातार हो रही विभागीय कार्रवाइयों से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।