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Attack during Trump's Iran meeting, firing outside the White House, young man claiming to be 'Jesus Christ' shot dead by Secret Service
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वाइट हाउस में ईरान मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे, तभी बाहर अचानक फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। भारतीय समयानुसार रविवार तड़के करीब 4 बजे हुई इस घटना में 21 वर्षीय नासिर बेस्ट ने सिक्योरिटी चेक पॉइंट पर लगभग 30 गोलियां चलाईं।
खुद को ‘जीसस क्राइस्ट’ बता रहा था हमलावर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेरीलैंड निवासी नासिर बेस्ट खुद को ‘जीसस क्राइस्ट’ बताता था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था और पहले भी कई बार विवादों में रह चुका था।
सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में ढेर
फायरिंग शुरू होते ही सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में नासिर को मार गिराया। घटना के तुरंत बाद पूरे वाइट हाउस परिसर को लॉकडाउन कर दिया गया। वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। करीब 40 मिनट तक सुरक्षा अलर्ट जारी रहा।
पहले भी कर चुका था घुसपैठ की कोशिश
रिपोर्ट्स के अनुसार, नासिर को पिछले साल जून में सड़क पर उत्पात मचाने के बाद मानसिक अस्पताल भेजा गया था। इसके अलावा 10 जुलाई 2025 को भी वह वाइट हाउस के प्रतिबंधित इलाके में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। उस समय प्रशासन ने उसे वाइट हाउस से दूर रहने के आदेश दिए थे।
ट्रम्प ने एजेंट्स की सराहना की
घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एजेंट्स की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।