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Balrampur bus accident: Two more injured died, death toll rises to 11, eyewitness reveals details of the accident
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के पीपरसोत गांव से झारखंड में रिश्ता तय करने जा रहे ग्रामीणों के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सोमवार को दो और घायलों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
चश्मदीद का खुलासा: कंडम बस में ठूंस-ठूंस कर बैठाए गए थे 100 यात्री
हादसे के चश्मदीद लक्ष्मण नायक ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि जिस स्कूल बस में ग्रामीण सवार थे, उसकी हालत बेहद खराब थी। बस की क्षमता 42 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें करीब 100 लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि चढ़ाई के दौरान बस बार-बार रुक रही थी और पीछे की ओर खिसकने लगती थी। यात्रियों को कई बार उतरकर बस को धक्का देना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे में ऐसा तीन बार हुआ।
ढलान पर तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
लक्ष्मण नायक के अनुसार, घाट समाप्त होने के बाद जैसे ही ढलान शुरू हुई, चालक ने बस की रफ्तार तेज कर दी। उन्होंने और उनके बेटे ने चालक से करीब 18 बार बस धीरे चलाने की अपील की, लेकिन चालक ने किसी की नहीं सुनी। हर मोड़ पर बस के पलटने का डर बना हुआ था। आखिरकार ओरसा घाट के बंगलादारा मोड़ के पास बस सरई के पेड़ से टकरा गई और पलट गई। हादसे में बस के चारों पहिए ऊपर हो गए और कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
ड्राइवर का दावा: ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा
वहीं, बस चालक विकास पाठक ने दावा किया है कि ढलान पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए थे। उसने गाड़ी को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए जानबूझकर पेड़ से टकराया, ताकि बड़ा नुकसान टल सके। चालक का कहना है कि अगर ऐसा नहीं करता तो मृतकों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी।
जांच में जुटा प्रशासन, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ओवरलोडिंग, बस की खराब हालत और चालक की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।