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MP News: Bhojshala ASI report reveals major revelations, temple structure existed before mosque
धार। धार से आई भोजशाला एएसआई रिपोर्ट ने ऐतिहासिक भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर बड़ा दावा किया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा ढांचा मूल रूप से एक विशाल हिंदू मंदिर था, जिसे बाद में संशोधित कर मस्जिद का रूप दिया गया।
शारदा सदन और शिक्षा केंद्र के प्रमाण
रिपोर्ट में शिलालेखों के आधार पर इस स्थल की पहचान ‘शारदा सदन’ यानी देवी सरस्वती के निवास के रूप में की गई है। यहां ‘पारिजात मंजरी’ जैसे नाटकों के मंचन के प्रमाण भी मिले हैं। सर्वे में 150 से अधिक संस्कृत और प्राकृत शिलालेख तथा 56 अरबी-फारसी अभिलेख पाए गए। खंभों पर नागबंध आकृतियां और व्याकरण संबंधी लेख यह संकेत देते हैं कि राजा भोज के समय यह प्रमुख शिक्षा केंद्र था।
मंदिर अवशेषों का पुनः उपयोग
जांच में 106 स्तंभ और 82 पिलास्टर ऐसे मिले, जिन्हें प्राचीन मंदिर का हिस्सा बताया गया है। परिसर से 94 मूर्तियां और अवशेष भी मिले, जिनमें गणेश, ब्रह्मा, नृसिंह जैसी चार भुजाओं वाली प्रतिमाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में दावा है कि मस्जिद निर्माण के दौरान शिलालेखों को घिसकर या उल्टा लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई।