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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को उस समय हंसी-ठिठोली और तीखे कटाक्षों का गवाह बना, जब होली से ठीक 5 दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन के बाहर पारंपरिक फाग गीत के जरिए सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और 'चूहों' के बहाने शुरू हुआ यह 'गीत युद्ध' सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवर्धा की उस चर्चित घटना को लेकर सरकार पर चुटकी ली, जिसमें चूहों द्वारा 7 करोड़ रुपये का धान बर्बाद किए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने फाग की धुन पर गाते हुए कहा “विष्णु दे दे बुल्लवा मुसवा को, मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु, दे दे बुल्लवा मुसवा को...”
इसका सीधा अर्थ था कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चूहों को बुला लें, क्योंकि चूहों के बिना (आरोप छिपाने के लिए) घोटाला मुमकिन नहीं है। यह गीत सुनते ही विधानसभा परिसर ठहाकों से गूंज उठा।
भाजपा का पलटवार: ‘पकड़ागे, धरागे, मुसवा मन रे’
भूपेश बघेल के तंज पर भाजपा ने भी देर नहीं की और उसी अंदाज में पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने शराब और कोयला घोटाले का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ी में गीत गाया "पकड़ागे, पकड़ागे, मुसवा मन रे... शराब घोटाला करइया, कोयला घोटाला करइया, कौनों जेल में हे भइया, कौनों बेल में हे भइया... काबर के आगे विष्णु के सुशासन ईहां रे।" भाजपा ने अपने गीत के जरिए संदेश दिया कि असली 'चूहे' (घोटालेबाज) अब पकड़े जा रहे हैं। कोई जेल में है तो कोई बेल पर, क्योंकि अब प्रदेश में सुशासन आ गया है।
विधायक अनुज शर्मा ने भी किया पलटवार
भूपेश बघेल के तंज पर भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने भी पलटवार किया। उन्होंने भी एक वीडियो जारी कर विष्णु देव सरकार की तारीफ की और भूपेश बघेल पर तंज कसा।
गीतों के इस दौर के बीच सदन के भीतर का माहौल काफी गर्माया रहा। शून्यकाल में धान खरीदी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। विधायक उमेश पटेल ने दावा किया कि कई पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों का भुगतान अब भी बकाया है। भूपेश बघेल ने अधिकारियों के निजी खेतों में प्रवेश को लेकर सवाल उठाए।
हंगामे और नारेबाजी के कारण जब स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी, तो विपक्षी विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए। परंपरा के अनुसार, गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया।