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Big news: Home Ministry alert; states instructed to maintain communal vigilance amid West Asia tensions, internet banned in Kashmir
नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने संभावित सांप्रदायिक तनाव की आशंका जताते हुए अधिकारियों को एहतियाती और निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को जारी एक पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य घटनाक्रम का असर भारत में भी पड़ सकता है, खासकर तब जब धार्मिक सभाओं या सार्वजनिक कार्यक्रमों में विदेशी घटनाओं का जिक्र किया जाए।
भड़काऊ भाषण देने वालों पर नजर
एडवाइजरी में राज्यों से कहा गया है कि वे ऐसे व्यक्तियों और समूहों पर कड़ी निगरानी रखें जो अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। विशेष रूप से उन कट्टरपंथी उपदेशकों पर नजर रखने को कहा गया है जो भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकते हैं।
मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए बेहतर इंटेलिजेंस समन्वय और समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया है।
खाड़ी में भारतीयों की मौजूदगी पर चिंता
नई दिल्ली ने खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक रूप से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार न केवल भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से बल्कि इसके संभावित घरेलू प्रभावों को लेकर भी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
कश्मीर में एहतियाती कदम
जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या की खबर के बाद अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसके चलते सोमवार को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई।
श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लाल चौक स्थित घंटा घर को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया है। बड़ी भीड़ को रोकने के लिए शहर भर में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा से विरोध प्रदर्शनों की खबरें मिली हैं। कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया आबादी का अनुमान है, जहां इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और मातम देखा गया। इस बीच, पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज होता जा रहा है, और भारत में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।