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Chhattisgarh Assembly: Bijapur pota Cabin issue heats up in Chhattisgarh Assembly, opposition walks out after adjournment motion rejected
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर जिले के गंगालूर में संचालित पोटा केबिन में छात्राओं के गर्भवती होने के मामले को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन स्थगन की सूचना अस्वीकार होने और सत्तापक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
भूपेश बघेल ने उठाया गंभीर मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में गंगालूर पोटा केबिन का मामला उठाते हुए कहा कि नाबालिग छात्राओं, खासकर आदिवासी लड़कियों के साथ ऐसी घटनाएं वर्षों से सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। बघेल ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सदन की कार्यवाही रोककर इस पर चर्चा कराई जानी चाहिए।
विपक्ष के विधायकों ने की कार्रवाई की मांग
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि इस मामले में एक छात्रा 11वीं और दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि दोनों छात्राओं को छात्रावास से बाहर कर दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायक अनिला भेदिया ने भी कहा कि यह बस्तर क्षेत्र से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया गंभीर मामला
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि पोटा केबिन से जुड़ी घटनाएं नई नहीं हैं और कई वर्षों से इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो जाती है, जिसे बाद में बीमारी बताकर मामला खत्म कर दिया जाता है। उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
सरकार ने आरोपों को बताया निराधार
इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं कर रही है। मंत्री के मुताबिक संबंधित छात्राएं वर्तमान में पोर्टा केबिन में अध्ययनरत नहीं हैं और उनके परिजनों ने भी बताया है कि वे अपनी मर्जी से आना-जाना करती थीं।
मंत्री ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय कलेक्टर के निर्देश पर जांच जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार, विपक्ष का बहिर्गमन
सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को आसंदी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर वॉकआउट कर दिया।