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CBSE 12th supplementary exam rules change significantly, with improvement opportunities available in only one subject.
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री (इंप्रूवमेंट) एग्जाम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड के इस फैसले से देशभर के लाखों छात्र प्रभावित होंगे। सीबीएसई के मुताबिक, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसी बीच बोर्ड ने 12वीं के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम को लेकर अहम घोषणा की है।
अब सिर्फ एक विषय में ही दे सकेंगे सप्लीमेंट्री एग्जाम
अब तक 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद छात्र एक से अधिक विषयों में नंबर सुधार के लिए सप्लीमेंट्री या इंप्रूवमेंट एग्जाम दे सकते थे। ये परीक्षाएं आमतौर पर रिजल्ट जारी होने के करीब दो महीने के भीतर आयोजित होती थीं। लेकिन नए नियम के तहत अब 12वीं बोर्ड के छात्र सिर्फ एक ही विषय में सप्लीमेंट्री एग्जाम देकर अपने नंबर सुधार सकेंगे।
एक से अधिक विषय में सुधार के लिए देनी होगी मेन परीक्षा
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को एक से ज्यादा विषयों में नंबर सुधारने हैं, उन्हें अगले वर्ष आयोजित होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (मेन एग्जाम) में शामिल होना होगा। यानी अब एक से अधिक विषयों में सुधार के लिए सप्लीमेंट्री का विकल्प नहीं मिलेगा, बल्कि छात्रों को पूरा साल इंतजार कर दोबारा बोर्ड परीक्षा देनी होगी।
छात्रों पर पड़ेगा असर
इस नियम बदलाव के बाद छात्रों के पास रिजल्ट के बाद नंबर सुधारने के मौके सीमित हो गए हैं। अब केवल एक विषय में ही सुधार संभव होगा। ऐसे में छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी और भी गंभीरता से करनी होगी, ताकि उनका साल खराब न हो।
15 जुलाई 2026 को संभावित सप्लीमेंट्री एग्जाम
सीबीएसई ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटेटिव शेड्यूल भी जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, 12वीं के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। वहीं, मई 2026 में 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी किया जाएगा। रिजल्ट के बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा को लेकर अलग से सर्कुलर जारी किया जाएगा, जिसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।