

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CG Budget Session 2026: Uproar in Assembly over encroachment on government land, opposition walks out
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा गरमा गया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से पूछा कि अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर कब चलाया जाएगा। मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और जोरदार हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
विधायक के सवाल पर शुरू हुआ विवाद
सदन में यह मुद्दा विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के सवाल पर उठा। उन्होंने पूछा कि क्या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा डोंगरगढ़ के प्रस्ताव के आधार पर पंजीयक सहकारी संस्थाओं द्वारा 24 अगस्त 2023 को भवन निर्माण की अनुमति दी गई थी। यदि हां, तो इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई और क्या पूर्व में विधानसभा में दिए गए उत्तर में भूमि पर अतिक्रमण होने की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या संबंधित जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है और यदि नहीं तो कब तक अतिक्रमण हटाकर भवन निर्माण कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या फिलहाल बैंक किराए के भवन में संचालित हो रहा है और उसका मासिक किराया कितना है।
मंत्री केदार कश्यप का जवाब
प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि जिस स्थान पर बैंक भवन निर्माण का प्रस्ताव है, वहां अतिक्रमण है। किसानों की सुविधा के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने का निर्णय लिया गया है, इसलिए अब दूसरी जगह का चयन किया जा रहा है।
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा
मंत्री के जवाब के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से पूछा कि बैंक के लिए कुल कितनी जमीन आवंटित की गई है, उसमें कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और भवन निर्माण के लिए कितनी जमीन की आवश्यकता है।
इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैंक के लिए 22 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है, जबकि करीब 3000 वर्ग फीट जमीन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है।
विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार अतिक्रमण हटाने के बजाय बहाने बना रही है। उन्होंने कहा कि तीन साल बीत जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया है और सरकार अपने “चहेते” अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने से बच रही है। इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया और सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया।