

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CG Drug Case: ED steps in to investigate the Navya Malik drug network; a thorough probe into money laundering and foreign connections will be conducted.
रायपुर। राजधानी के चर्चित नव्या मलिक ड्रग्स मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच की कमान संभालने की तैयारी शुरू कर दी है। आर्थिक अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच के लिए ईडी ने रायपुर पुलिस से गंज थाना में दर्ज एफआईआर, चार्जशीट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे हैं। एजेंसी अब इस पूरे मामले में अवैध धन के लेनदेन, ड्रग्स नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से पड़ताल करेगी।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया है कि मामले की मुख्य आरोपी नव्या मलिक तुर्की, ईरान समेत कई देशों की यात्रा कर चुकी है। जांच एजेंसियों को इन दौरों के दौरान कुछ प्रभावशाली कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की मौजूदगी की भी जानकारी मिली है। इसी आधार पर अब विदेशी संपर्कों और संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की जांच भी तेज की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब दो हजार बैंक खातों की पड़ताल की। इनमें नव्या मलिक और अन्य आरोपियों से जुड़े खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने करीब 320 संदिग्ध लोगों की सूची भी तैयार की है, जिनमें जनप्रतिनिधियों के परिजन, कुछ रसूखदार परिवारों के सदस्य और प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के पास कुछ मामलों में लाखों रुपये के ड्रग्स लेनदेन से जुड़े डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य होने की भी जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी सबसे पहले यह जांच करेगी कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं। यदि जांच में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक के संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिलते हैं, तो एजेंसी ईसीआईआर दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर सकती है। इसके बाद संपत्ति, बैंक खातों और वित्तीय नेटवर्क की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
इस पूरे मामले का खुलासा अगस्त 2025 में हुआ था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नव्या मलिक का नाम सामने आने के बाद उसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया। जांच में आरोप लगा कि रायपुर की कई हाई-प्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में ड्रग्स सप्लाई का संचालन उसी के नेटवर्क के जरिए किया जाता था।
पुलिस की जांच के दौरान करीब 850 ऐसे लोगों की पहचान होने का दावा किया गया था, जिनका नाम कथित रूप से ड्रग्स सेवन या नेटवर्क से जुड़ाव के संदर्भ में सामने आया था। इनमें होटल व्यवसाय, ऑटोमोबाइल, इंटीरियर डिजाइनिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए गए थे। हालांकि इन व्यक्तियों के संबंध में अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने मामले से जुड़े दस्तावेज अपने स्तर पर मंगाकर उनका अध्ययन शुरू कर दिया है। यदि वित्तीय अनियमितताओं और अवैध धन के प्रवाह से जुड़े पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो एजेंसी इस हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं की विस्तृत जांच शुरू करेगी। इससे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।