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CG News: Major action regarding coaching center safety; notices issued to 18 institutes in Raipur, inspections intensified across several cities.
रायपुर। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया गया है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर रायपुर के 18 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। इन्हें सात दिन के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में पता चला कि रायपुर और बीरगांव क्षेत्र में एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटर केवल गुमास्ता लाइसेंस के आधार पर संचालित हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में संस्थानों ने फायर सेफ्टी ऑडिट तक नहीं कराया है। कई जगहों पर अग्निशमन से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे हजारों छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि शहर के कई कोचिंग सेंटर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं। कई भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता है। एक ही कमरे में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाया जा रहा है। वहीं, पेयजल, शौचालय, आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरण जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव पाया गया।
नगर निगम और जिला अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ, आरसीसी, अकादजा, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा अकादमी सहित कुल 18 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर नहीं होने पर संबंधित संस्थानों को सील किया जाएगा।
रायपुर के अलावा बिलासपुर, भिलाई, बालोद और गरियाबंद में भी प्रशासनिक टीमों ने कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की जांच की। बिलासपुर में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर 'उड़ान आईएएस एकेडमी' को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं अन्य संस्थानों को भी जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
भिलाई में एक बहुमंजिला कोचिंग संस्थान, जहां प्रतिदिन करीब 1800 छात्र पहुंचते हैं, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। संकरी सीढ़ियां और पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट नहीं होने पर अधिकारियों ने चिंता जताई।
बालोद जिले में कई प्रशिक्षण केंद्र बिना मान्यता और सुरक्षा मानकों के संचालित पाए गए, जबकि गरियाबंद के निजी स्कूलों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी, एक्सपायर्ड अग्निशमन सिलेंडर और बिना एनओसी संचालन जैसी खामियां सामने आईं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, लॉज, मॉल और अन्य सार्वजनिक भवनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा फायर एनओसी की वैधता, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की जाएगी।
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिन संस्थानों में पहले भी सुरक्षा संबंधी कमियां मिली थीं, उनकी दोबारा जांच कराई जा रही है। वहीं नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।