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Major move in 14-year-old cooperative scam: EOW files 3,500-page charge sheet in court.
रायपुर। सहकारी गृह निर्माण समितियों में वर्षों पहले हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने करीब 14 साल पुराने मामले में तत्कालीन वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं परिसमापक राजकुमार नायडू के खिलाफ विशेष न्यायालय में 3,500 पन्नों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।
जांच में सामने आया कि राजकुमार नायडू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सहकारी गृह निर्माण समितियों को चार करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई। इसके अलावा लगभग 20 लाख रुपये के गबन की भी पुष्टि हुई है। इसी आधार पर EOW ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच के अनुसार, एनएमडीसी गृह निर्माण समिति में नायडू ने नियमों की अनदेखी करते हुए पहले से सदस्यों को आवंटित और पंजीकृत 13 भूखंडों का पंजीयन निरस्त कराया। इसके बाद नए सदस्यों को जोड़कर उन्हीं भूखंडों की बिक्री कलेक्टर गाइडलाइन दर से कम कीमत पर कर दी गई।
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि समिति में सड़क और रास्तों के लिए आरक्षित भूमि को भी नियमों के विपरीत बेच दिया गया। वहीं भैरव गृह निर्माण समिति में भी कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।