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Political row over renaming of schemes in Chhattisgarh; BJP and Congress at loggerheads.
रायपुर। सरकारी योजनाओं के नाम बदलने को लेकर सियासत गरमा गई है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने कई योजनाओं के नाम बदले हैं, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक सोच से प्रेरित कदम बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि योजनाओं का पुनर्गठन जनता के हित और बेहतर क्रियान्वयन के लिए किया जा रहा है।
हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 'अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना' को मंजूरी दी गई। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूर्ववर्ती सरकार की 'रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क)' योजना का ही नया स्वरूप है और केवल नाम बदलकर दोबारा पेश किया गया है।इसी तरह माध्यमिक शिक्षा मंडल की 'स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना' का नाम बदलकर 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना' कर दिया गया है। इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को 1.50 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग में 'डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना' का नाम बदलकर 'शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना' कर दिया गया है। वहीं 'हमर लैब' अब 'अटल आरोग्य लैब' के नाम से संचालित होगी। इस पहल के तहत राज्य की 1,051 स्वास्थ्य संस्थाओं को जोड़ा जाएगा और मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
भाजपा सरकार के दौरान जिन प्रमुख योजनाओं के नाम बदले गए, उनमें शामिल हैं—
राजीव गांधी किसान न्याय योजना → कृषक उन्नति योजना
डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना → शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजना
राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना → दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना
इंदिरा गांधी शुद्ध पेयजल योजना → पंडित दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना
इंदिरा गांधी एलईडी पथ प्रकाश योजना → पंडित दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना
राजीव गांधी आजीविका केंद्र → पंडित दीनदयाल आजीविका विकास केंद्र
राजीव गांधी स्वावलंबन योजना → पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना
गोधन न्याय योजना → गोधाम योजना
रीपा योजना → अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना
स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना → पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना
मोर आवास, मोर अधिकार → प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण)
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में या तो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदल दिए या फिर कई योजनाओं को बंद कर दिया। उनका कहना है कि सरकार नई और मौलिक जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू करने में विफल रही है तथा केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है।
भाजपा ने दिया पलटवार
वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब न तो कोई ठोस मुद्दा बचा है और न ही जनाधार। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बीते ढाई वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहल शुरू की हैं। उनके मुताबिक, योजनाओं का पुनर्गठन जनता को बेहतर सुविधाएं देने और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
कांग्रेस शासन में भी बदले गए थे योजनाओं के नाम
भाजपा ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी कई योजनाओं के नाम बदले गए थे। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी स्वावलंबन योजना, आयुष्मान भारत का नाम बदलकर डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र का नाम बदलकर राजीव गांधी आजीविका केंद्र किया गया था।योजनाओं के नाम बदलने को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बहस अब आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रही है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल इसे जनता के सामने बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुट गए हैं।