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CG News: Major blow to drug mafia via trial monitoring model; 198 smugglers convicted in 6 months, 69 criminals sentenced to over 10 years in prison.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति असर दिखाने लगी है। पुलिस, अभियोजन और न्यायालय के समन्वय से लागू किए गए विशेष ट्रायल मॉनिटरिंग मॉडल के जरिए इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के 128 मामलों का तेजी से निपटारा किया गया है। इन मामलों में कुल 198 तस्करों को दोषी ठहराते हुए जेल भेजा गया, जबकि 69 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
पुलिस की विशेष टीमों ने जमानत मिलने के बाद फरार हुए बेल जंपर और स्थायी वारंटियों की तलाश में उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश तक अभियान चलाया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सका। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से बचने के लिए किसी भी राज्य में छिपना अब आसान नहीं होगा।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में शुरू किए गए 'समन से सजा तक' अभियान के तहत रायपुर को मध्य, पश्चिम और उत्तर तीन जोनों में बांटकर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) स्तर के अधिकारियों को मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसीपी दीपक मिश्रा को समन और वारंट की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया।
समीक्षा में सामने आया था कि कई मामलों में आरोपी जमानत के बाद फरार हो जाते थे और गवाह समय पर अदालत नहीं पहुंचने से मुकदमे कमजोर पड़ जाते थे। इस बार प्रत्येक मामले में सरकारी गवाहों की अलग सूची तैयार की गई, उनसे लगातार संपर्क रखा गया और तय तारीख पर अदालत में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की गई। इससे गवाहों के मुकरने की संभावना कम हुई और साक्ष्य प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकी।
विशेष एनडीपीएस अदालतों ने सख्त रुख अपनाते हुए 34 मामलों में 69 आरोपियों को 10 वर्ष से अधिक के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं 23 मामलों में 37 दोषियों को 10 वर्ष की जेल और 71 मामलों में 92 आरोपियों को 7 से 10 वर्ष तक की सजा दी गई।
एक अन्य मामले में ओडिशा के गंजाम जिले की 60 वर्षीय महिला तस्कर कुम्मन जेनी को 24 किलो गांजा तस्करी के आरोप में 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मार्च 2024 में मंदिर हसौद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बस से उसे गिरफ्तार किया था। उसके साथ एक नाबालिग भी मौजूद था और वह रायपुर में गांजा की सप्लाई करने पहुंची थी।
पुलिस अब तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर रही है। कुल 115 वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें 8 कार, 2 ऑटो, 1 ई-रिक्शा और 104 दोपहिया वाहन शामिल हैं। अन्य मामलों में जब्त वाहनों की नीलामी के लिए भी अदालत में आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं।
नशा तस्करों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी लगातार जारी है। सफेमा कानून के तहत हिस्ट्रीशीटर रवि साहू की 7.60 करोड़ रुपये, मुकेश बनिया की 1.19 करोड़ रुपये, रुपेंद्र सिंह की 15 लाख रुपये और उरला के एक आरोपी की 50 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। इसके अलावा आधा दर्जन मामलों में संपत्ति कुर्की के प्रस्ताव न्यायालय में लंबित हैं।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में अब तक 335 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 78 आरोपी दूसरे राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से लेकर अदालत में सजा सुनिश्चित होने तक हर मामले की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे ड्रग तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है।