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CG News: Miracle treatment becomes cause of death: 18-year-old girl dies, guilty woman gets life imprisonment
रायपुर। पंडरी क्षेत्र से जुड़ा एक गंभीर मामला अब अदालत के फैसले के बाद फिर चर्चा में है। 18 वर्षीय युवती की मौत के मामले में गरियाबंद जिले की ईश्वरी साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट माना कि तथाकथित चमत्कारी इलाज और धार्मिक दबाव के कारण एक मासूम की जान गई।
इलाज के नाम पर क्रूरता, तेल और गर्म पानी से दी गई पीड़ा
मामले के अनुसार, युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और परिवार उसका इलाज करवा रहा था। इसी दौरान आरोपी महिला ने खुद को धार्मिक शक्ति से इलाज करने वाली बताकर परिवार का भरोसा जीत लिया। इलाज के नाम पर वह युवती के शरीर पर चमत्कारी तेल डालती और गर्म पानी से क्रूर तरीके से उपचार करती थी, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
धर्म परिवर्तन का दबाव, डर और विश्वास के बीच फंसा परिवार
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही थी। वह बार बार यह दावा करती थी कि युवती ठीक होने के लिए उन्हें धर्म बदलना होगा। साथ ही यह डर भी दिखाया गया कि अगर किसी को इस प्रक्रिया के बारे में बताया गया तो धार्मिक शक्ति नाराज हो जाएगी। इसी भय और उम्मीद के कारण परिवार लंबे समय तक चुप रहा।
पोस्टमार्टम में खुला सच, अंदरूनी चोटों से हुई मौत
22 मई 2025 को युवती की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। रिपोर्ट में पाया गया कि युवती के शरीर पर गंभीर अंदरूनी चोटें थीं। उसकी तीन पसलियां टूटी हुई थीं और फेफड़ों में खून जमा था, जिसके चलते सांस रुकने से उसकी मौत हो गई।
कोर्ट ने माना गंभीर अपराध, 21 गवाहों के आधार पर सजा
विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत में 21 गवाह पेश किए गए, जिनमें मृतका की मां, परिजन, डॉक्टर और अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने चमत्कार का झांसा देकर न केवल एक जीवन समाप्त किया, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया।