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CG Vidhan Sabha 2026: Lata Usendi and Ajay Chandrakar questioned Minister Tankram regarding B.Ed. and D.El.Ed. classes in Chhattisgarh.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत बीएड और डीएलएड पाठ्यक्रमों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। विधायक लता उसेंडी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और बीएड-डीएलएड की कक्षाओं के संचालन को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से सवाल पूछा।
जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि वर्तमान में बीएड और डीएलएड पाठ्यक्रमों का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भविष्य में चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम महाविद्यालयों के जरिए संचालित किए जाएंगे।
लता उसेंडी के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति छत्तीसगढ़ के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की जगह चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए पूछा कि प्रदेश में ऐसे कितने कॉलेज हैं, जहां एनईपी के तहत चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सके। इस पर मंत्री ने स्वीकार किया कि फिलहाल राज्य का एक भी कॉलेज निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करता।
मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के संचालन के लिए 'बीबी प्लस' श्रेणी के कॉलेजों की आवश्यकता होगी, लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई भी कॉलेज उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दो वर्षीय बीएड कॉलेजों को नए मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने के लिए सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो आवश्यक मापदंड तय करेगी।
अजय चंद्राकर ने कोंडागांव में दो वर्षीय या चार वर्षीय बीएड कॉलेज शुरू करने की प्रक्रिया और राज्य में 'बीबी प्लस' कॉलेज विकसित करने की योजना पर भी सवाल उठाया। मंत्री ने दोहराया कि इन सभी पहलुओं पर अध्ययन और आवश्यक सुझाव देने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।