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Case involving child sexual abuse material... Delhi Police registers FIR against Meta
नई दिल्ली। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का संचालन करने वाली कंपनी मेटा की मुश्किलें बढ़ सकती है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कंपनी के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के कथित प्रसार को लेकर FIR दर्ज की है। यह मामला चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) की उपलब्धता और प्रसार से संबंधित है।पुलिस ने 8 अक्टूबर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67B के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत में करीब 10 लिंक का उल्लेख किया गया था, जिनके जरिए कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने का आरोप है। अब पुलिस इन लिंक और उनसे जुड़ी सामग्री की जांच कर रही है, ताकि आरोपों की प्रकृति और तथ्यों का पता लगाया जा सके।
NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आयोग के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता को लेकर FIR दर्ज की है। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है।
मेटा ने दावा किया है कि जनवरी से जून 2026 के बीच दुनियाभर में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित 3.32 करोड़ सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। कंपनी के अनुसार, इनमें से 97 प्रतिशत से अधिक सामग्री की पहचान उसके सिस्टम ने खुद सक्रिय रूप से की थी।कंपनी ने भारत में भी इसी अवधि के दौरान ऐसी करीब 53 लाख सामग्री पर कार्रवाई करने की जानकारी दी है। हालांकि, मेटा ने यह भी स्वीकार किया है कि कोई भी कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं हो सकता।
इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) भी पहले कदम उठा चुका है। आयोग ने 3 जुलाई 2026 को बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों के मामले में मेटा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।इसके बाद कंपनी ने आयोग के समक्ष अपना जवाब दाखिल किया। मामले की औपचारिक जांच आगे बढ़ाने का निर्णय लेते हुए आयोग ने मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रमुख को तलब किया था।फिलहाल दिल्ली पुलिस FIR में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि संबंधित लिंक के जरिए किस तरह की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी और इस मामले में कंपनी के प्लेटफॉर्म की क्या भूमिका रही।