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Chhattisgarh: Allegations of encroachment on tribal land, case filed in revenue court
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सरगुजा आदिवासी जमीन कब्जा का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनपुर ब्लॉक में विशेष संरक्षित जनजाति पंडो समुदाय की जमीन पर बाहर से आए कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
इस मामले को लेकर अंबिकापुर नगर निगम के भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री कार्यालय और सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा से शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर ने सरगुजा कलेक्टर को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
राजस्व न्यायालय में दर्ज हुआ मामला
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद उदयपुर एसडीएम के राजस्व न्यायालय में धारा 170-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके तहत कथित कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि जमीन उनके पास कैसे आई। इस मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को तय की गई है। प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है।
राजस्व कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन का पट्टा बनवाया गया। बताया जा रहा है कि पंडो समुदाय की सेटलमेंट और शासकीय पट्टे की जमीन का विधिवत अंतरण नहीं हुआ है, फिर भी जमीन के बड़े हिस्से पर कब्जे का दावा किया जा रहा है। इस कारण सरगुजा आदिवासी जमीन कब्जा मामले में राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
1987 से शुरू हुआ बसने का सिलसिला
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1987 में पहली बार दो-तीन परिवार यहां आए थे। उन्होंने बकरा-बकरी पालन और चूड़ी-मनिहारी का काम करने के नाम पर रहने के लिए जमीन मांगी थी।
बताया जाता है कि पंडो समाज के लोगों ने मानवीय आधार पर उन्हें रहने के लिए जगह दी थी। आरोप है कि बाद में कुछ लोगों से कागजों पर अंगूठा लगवाकर जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार कर लिए गए।