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Chhattisgarh Assembly: MLA Moonat raised the issue of STP sewage being found in the Kharun River.
रायपुर। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान खारुन नदी में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का गंदा पानी मिलने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। इस विषय पर हुई तीखी बहस से सदन का माहौल गर्म हो गया।
मूणत ने जताई गंभीर चिंता
बीजेपी विधायक राजेश मूणत ने खारुन नदी की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नदी में एसटीपी का गंदा पानी मिल रहा है, जिसका सीधा असर रायपुर की जनता पर पड़ रहा है।
मूणत ने सदन में कहा, “खारुन में एसटीपी का गंदा पानी मिल रहा है। उसका पानी मुख्यमंत्री, सभी मंत्री से लेकर रायपुर वासी पी रहे हैं। क्या गंदा पानी रोकने की व्यवस्था होगी?”
उन्होंने इसे केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उनका कहना था कि यदि प्रदूषित पानी की आपूर्ति जारी रही तो भविष्य में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।
सरकार का जवाब
सरकार की ओर से जवाब देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस जवाब से मूणत संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि वे पिछले तीन महीनों से स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं और स्थिति गंभीर है। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या केवल कागजों पर कमेटी बनाने से गंदे पानी से मुक्ति मिल जाएगी?”
प्रदूषण पर फिर केंद्रित हुई बहस
गौरतलब है कि खारुन नदी रायपुर की प्रमुख जलधाराओं में से एक है और लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। नदी में सीवेज और एसटीपी से जुड़े मुद्दे पहले भी उठते रहे हैं, लेकिन आज की बहस ने इसे फिर से राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।