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Chhattisgarh: 'Dandi March for Jobs' in Raipur, agitation by D.Ed candidates continues on 79th day
रायपुर। रायपुर में डीएड अभ्यर्थी दांडी मार्च रायपुर के जरिए अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का धरना अब 79वें दिन भी जारी है।
12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन के नमक कानून के खिलाफ ऐतिहासिक दांडी यात्रा निकाली थी। उसी दिन की याद में 12 मार्च को डीएड अभ्यर्थियों ने भी गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण दांडी मार्च निकालकर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।
2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में सहायक शिक्षक के करीब 2300 पद खाली हैं, लेकिन लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है।
अभ्यर्थियों के अनुसार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद शासन स्तर पर नियुक्ति को लेकर निर्णय में देरी हो रही है। इसी कारण उन्हें धरना और प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
150-200 अभ्यर्थियों ने निकाला शांतिपूर्ण मार्च
धरनास्थल से करीब 150 से 200 अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से दांडी मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने खाली पदों पर जल्द नियुक्ति देने और न्यायालय के आदेशों का पालन करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है, ताकि शासन-प्रशासन तक उनकी आवाज पहुंच सके।
गांधी के आंदोलन से ली प्रेरणा
भारतीय इतिहास में दांडी मार्च को अहिंसक प्रतिरोध का सबसे प्रभावी प्रतीक माना जाता है। 1930 में महात्मा गांधी ने ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ आंदोलन किया था।