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Chhattisgarh: Despite the ban, 'bloody' Chinese manjha is found in the capital, a woman is seriously injured in Lakhenagar.
रायपुर। चाइनीज मांझा हादसा रायपुर में एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आया है। राजधानी में प्रतिबंध के बावजूद यह खतरनाक डोर लोगों की जान के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। रविवार शाम लाखेनगर इलाके में मंदिर जा रही एक महिला चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
मंदिर जाते वक्त हुआ हादसा, 12 टांके लगे
ब्राह्मणपारा निवासी नेहा यादव रविवार शाम करीब पांच बजे पैदल मंदिर जा रही थीं। मंदिर के पास अचानक उनके चेहरे पर पतंग का मांझा उलझ गया। उसे हटाने की कोशिश में पहले होंठ और फिर अंगूठे में गहरा कट लग गया। खून बहने लगा और वे दर्द से चीख पड़ीं। आसपास मौजूद लोगों ने मदद की और उन्हें नजदीकी डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां 12 टांके लगाने पड़े। प्रारंभिक आशंका है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा था।
बीते एक साल में कई गंभीर हादसे
यह कोई पहली घटना नहीं है। 19 जनवरी 2025 को संतोषी नगर निवासी सात वर्षीय पुष्कर साहू की चाइनीज मांझे से गला कटने पर मौत हो चुकी है। वहीं 20 जनवरी 2025 को पंडरी-मोवा एक्सप्रेस-वे पर महिला वकील पूर्णाशा कौशिक गंभीर रूप से घायल हुई थीं। इसके अलावा छात्र आदित्य वाजपेयी समेत कई लोग इस जानलेवा डोर का शिकार बन चुके हैं।
कार्रवाई के दावे, खतरा बरकरार
नगर निगम ने सोमवार को जोन एक और पांच में कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक प्रतिबंधित मांझे की चरखियां जब्त कीं और दुकानदारों पर जुर्माना लगाया। बावजूद इसके, चोरी-छिपे बिक्री जारी है। चाइनीज मांझा हादसा रायपुर में यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक लोग यूं ही जान जोखिम में डालकर सड़कों पर निकलते रहेंगे। सख्त और निरंतर कार्रवाई ही इस “खूनी मांझे” से शहर को बचा सकती है।