

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Focus of Chief Secretary in departmental review meeting, report sought on e-office and vacancies
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने विभागवार योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए कहा कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों की पूर्ति करें और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की सतत निगरानी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा।
बैठक में ई-ऑफिस, ई-अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डैशबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत अभियान, सेवा सेतु तथा पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित विभिन्न प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से इन योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और उपलब्धियों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान विभागों में रिक्त पदों की स्थिति और भर्ती प्रक्रिया की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों और भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिव और अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग, वित्त, जनसंपर्क, स्कूल शिक्षा, सामान्य प्रशासन, परिवहन, उच्च शिक्षा, नगरीय प्रशासन, पर्यटन, कौशल विकास, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन समेत कई विभागों के सचिवों ने बैठक में भाग लिया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।