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Chhattisgarh: Guest teachers in Chhattisgarh go on an indefinite strike starting today; 'Work Stop-Pen Down' protest launched.
मनेंद्रगढ़/अंबिकापुर। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यालयीन) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेशभर के राज्य अतिथि शिक्षक बुधवार, 1 जुलाई 2026 से "काम बंद-कलम बंद" अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के संबंध में शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालय प्रमुखों को सूचना देना शुरू कर दिया है। संघ का कहना है कि सरकार द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।
संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप संविलियन/समायोजन, सेवा सुरक्षा, 12 माह का मानदेय, ग्रीष्मकालीन अवकाश का भुगतान, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश सहित अन्य सुविधाओं की मांग वर्षों से की जा रही है। कई बार शासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद मांगों पर अमल नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है।
अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि एक ही विद्यालय में समान कार्य करने के बावजूद उन्हें संविदा और नियमित शिक्षकों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें लगभग 20 हजार रुपये का मानदेय भी केवल 10 माह के लिए दिया जाता है, जबकि अन्य शिक्षकों को अधिक वेतन के साथ वर्षभर की सुविधाएं मिलती हैं। इसे उन्होंने आर्थिक और सेवा संबंधी भेदभाव बताया है।
संघ ने सरकार से अतिथि शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान अथवा सम्मानजनक 12 माह का मानदेय सुनिश्चित करने, सेवा सुरक्षा प्रदान करने तथा लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक विद्यालयों में अपनी सेवाएं नहीं देंगे। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक "काम बंद-कलम बंद" अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।