

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: High Court to deliver verdict tomorrow on Bhupesh Baghel's plea; all eyes on the election petition filed by Vijay Baghel.
बिलासपुर। दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट 17 सितंबर को अहम फैसला सुनाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग करते हुए सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किया गया है। आवेदन में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) का भी हवाला दिया गया है।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की कोर्ट में 10 सितंबर को इस मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने भूपेश बघेल की ओर से पेश आवेदन पर आदेश के लिए 17 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। अब इसी दिन तय होगा कि चुनाव याचिका आगे साक्ष्य और सुनवाई के चरण में पहुंचेगी या प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त हो जाएगी।
10 सितंबर को चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ दुबे साक्ष्य दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद थे। हालांकि, भूपेश बघेल की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई के चलते उस दिन साक्ष्य दर्ज नहीं हो सका।
भूपेश बघेल की ओर से दाखिल आवेदन में चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की गई है। इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) का भी हवाला दिया गया है।
इससे पहले 18 अगस्त 2026 को अधिवक्ताओं की मौजूदगी में मामले की सुनवाई हुई थी। उस दौरान 10 सितंबर को चुनाव याचिकाकर्ता का साक्ष्य दर्ज करने के लिए तारीख निर्धारित की गई थी। लेकिन 10 सितंबर की सुनवाई में भूपेश बघेल की ओर से दाखिल आवेदन सामने आने के बाद साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
फिलहाल मामले की अगली कार्यवाही हाई कोर्ट के 17 सितंबर के आदेश पर निर्भर है। कोर्ट यह तय करेगा कि भूपेश बघेल की ओर से पेश आवेदन स्वीकार करते हुए चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त किया जाता है या मामले को आगे साक्ष्य और सुनवाई के लिए जारी रखा जाता है।