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Chhattisgarh: Niyyad Nella Nar launches decisive attack on Maoist violence in Bastar
जगदलपुर। नियद नेल्ला नार योजना ने बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ एक निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। करीब चार दशकों से हिंसा की चपेट में रहे सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जैसे जिलों में अब बदलाव साफ दिख रहा है। इस योजना का उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि विकास को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
115 पंचायतों में विकास की नई तस्वीर
नियद नेल्ला नार योजना के तहत 115 पंचायतों के 495 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। 173 सड़क परियोजनाओं के जरिए 2,112 किमी निर्माण प्रगति पर है। 192 गांवों में विद्युतीकरण हुआ है और 635 मोबाइल टावरों से डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी है। इसके अलावा 46,172 आयुष्मान कार्ड बनाए गए और 1,59,984 परिवारों को आवास योजना की स्वीकृति मिली है।
शिक्षा और विश्वास की वापसी
अबूझमाड़ के कोडेनार में 25 फरवरी को पहली बार स्कूल खुला। 14 परिवारों वाले इस गांव में 25 बच्चों ने पढ़ाई शुरू की। यह सिर्फ स्कूल नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश है। हजारों बच्चों के हाथों में अब किताबें हैं, जो पहले बंदूक की छाया में जी रहे थे।
सुरक्षा के साथ विकास का मॉडल
सुरक्षा कैंपों की स्थापना के बाद सड़क निर्माण तेज हुआ। पहले जहां सुरक्षा बलों को रोकने के लिए सड़कें काट दी जाती थीं, अब वही रास्ते विकास की गारंटी बन रहे हैं। साफ है कि नियद नेल्ला नार योजना ने बस्तर में भरोसे, शांति और विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है।