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Chhattisgarh: Chhattisgarh's 'Sankalp Budget' 2026-27 presented: Major focus on youth, mothers, farmers and health, provision of ₹1.72 lakh crore
रायपुर। छत्तीसगढ़ का बजट (2026-27) आज 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश किया। विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल का यह तीसरा और नई विधानसभा का पहला बजट है। इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है- S (समावेशी विकास), N (निवेश), K (कुशल मानव संसाधन), A (अंत्योदय), L (लाइवलीहुड) और P (पॉलिसी से परिणाम)।
वित्त मंत्री ने कुल ₹1 लाख 72 हजार करोड़ का बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास और युवाओं के सपनों को पंख देने वाला होगा।
शिक्षा और युवाओं पर बड़ा दांव
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए ₹100 करोड़। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी (CG-ACE, उड़ान, शिखर, मंजिल) हेतु ₹33–35 करोड़ का प्रावधान। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए ₹50 करोड़। राज्य विश्वविद्यालयों को अनुदान के रूप में ₹731 करोड़। 5 शासकीय महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा, 25 कॉलेज भवनों के लिए ₹25 करोड़। नवा रायपुर में ट्रिपल आईटी के लिए ₹20 करोड़।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी प्रारंभ होंगे। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी हेतु ₹100-100 करोड़ का प्रावधान। रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र और 5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़।
महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
महतारी वंदन योजना के लिए ₹8,200 करोड़। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण हेतु ₹2,320 करोड़। 500 नए आंगनबाड़ी भवनों के लिए ₹42 करोड़। नोनी योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिकाओं को ₹1.5 लाख की सहायता। वित्त मंत्री ने कहा कि “सशक्त माताएँ और स्वस्थ, शिक्षित बच्चे ही छत्तीसगढ़ के भविष्य का निर्माण करेंगे।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार
दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे। कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए ₹50 करोड़। रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला MCH और चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण। 25 विकासखंडों में डायलिसिस केंद्र। एनएचएम के लिए ₹2000 करोड़। आंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के लिए ₹10 करोड़। रायपुर में पहला होम्योपैथिक कॉलेज खुलेगा।
किसानों और मजदूरों के लिए राहत
कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़। कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए ₹600 करोड़। मत्स्य पालन हेतु ₹200 करोड़ और ऑयल पाम खेती के लिए ₹150 करोड़। किसानों और मजदूरों का दुर्घटना बीमा कराया जाएगा।
बस्तर और सरगुजा पर विशेष फोकस
बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए ₹75-75 करोड़। दोनों संभागों में एजुकेशन सिटी हेतु ₹100-100 करोड़। बस्तर में 1500 नए बस्तर फाइटर्स की भर्ती। सरगुजा ओलंपिक के आयोजन का प्रावधान। वित्त मंत्री ने कहा कि “नक्सलियों का गढ़ अब शिक्षा का केंद्र बनेगा।”
अधोसंरचना और शहरी विकास
70 नई सड़कें और 20 पुलों का निर्माण। 23 नए औद्योगिक पार्कों के लिए ₹250 करोड़। जल संसाधन के लिए ₹3,500 करोड़। रायपुर में अंडरग्राउंड बिजली लाइन हेतु ₹100 करोड़। 206 गांवों को शहर से जोड़ने के लिए ₹250 करोड़। मेट्रो रेल परियोजना के लिए बजट प्रावधान।
कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत
सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹100 करोड़ की कैशलेस चिकित्सा योजना। पेंशन मद में ₹1,422 करोड़। मध्यप्रदेश से लगभग ₹1000 करोड़ पेंशन मद में मिलने की उम्मीद।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बजट को “संतुलित और समावेशी विकास का दस्तावेज” बताते हुए कहा कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
विधानसभा में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मंत्रिपरिषद के सदस्य भी मौजूद रहे।