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Chhattisgarh: Saurabh Chandrakar, operator of Mahadev Satta app, appeared in Raipur court, CBI sought 14-day remand.
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के कथित प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ने बुधवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। एजेंसी ने उससे पूछताछ के लिए अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी है। इस पर अदालत में सुनवाई जारी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई पेशी में सौरभ की पैरवी के लिए दिल्ली से अधिवक्ता तुषार गिरी सहित अन्य वकील रायपुर पहुंचे।
सौरभ चंद्राकर को मंगलवार को सीबीआई रायपुर लेकर पहुंची थी। यहां उसे सीधे सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया। इसके बाद बुधवार को विशेष अदालत में पेश किया गया। इससे पहले दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की हिरासत की मांग का विरोध किया था। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि सौरभ को ओमान से धनशोधन के मामले में प्रत्यर्पित किया गया है, न कि सीबीआई के मामले में। प्रत्यर्पण से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी। हालांकि, अदालत ने सीबीआई की अर्जी स्वीकार करते हुए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी।
सीबीआई के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों, हवाला लेन-देन और विदेशों में कथित निवेश की जांच कर रहे हैं। ईडी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इस नेटवर्क के कथित मुख्य संचालक थे।
जांच एजेंसियों ने रेड्डी अन्ना, फेयरप्ले, स्काईएक्सचेंज और लोटस 365 जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की है। एजेंसियों का आरोप है कि भारत और यूएई में हजारों ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टे का नेटवर्क संचालित किया जाता था। इसके लिए बैंक खातों, मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता था। सट्टे से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में बांटकर नकद और हवाला के जरिए विदेश भेजने तथा दुबई में संपत्तियों में निवेश करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में यूएई के रास अल खैमाह में हुई शादी भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। ईडी के अनुसार, शादी और उससे जुड़े आयोजनों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप है। एजेंसी ने इस संबंध में इवेंट कंपनियों, होटलों, ट्रैवल एजेंटों और विमान सेवा प्रदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की है।
सौरभ पहले भिलाई में जूस की दुकान चलाता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव एप नेटवर्क के विस्तार के बाद उसकी आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बदलाव आया। मामले में रवि उप्पल, विकास छपरिया, शुभम सोनी और अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और कई संपत्तियां जब्त या अटैच की गई हैं। अब रायपुर की विशेष अदालत में सीबीआई की 14 दिन की रिमांड अर्जी पर आने वाला फैसला जांच की आगे की दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।