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Chhattisgarh Weather: After Makar Sankranti, the mood of the weather changed, the days became longer, the heat of the sun increased.
रायपुर। मकर संक्रांति के बाद से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन की लंबाई बढ़ने के साथ अब धूप में चुभन का अहसास होने लगा है। हालांकि ठंड का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में सुबह व रात के समय ठिठुरन बनी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस सप्ताह तीन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से ठंड का प्रभाव कम रहने के आसार हैं।
आसमान साफ रहने के कारण दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 27 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है। वहीं सुबह और देर रात कुछ इलाकों में अब भी शीतलहर जैसी स्थिति महसूस की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में जिस तरह की कड़ाके की ठंड पड़ी थी, उसकी वापसी की संभावना अब काफी कम है। ठंड का असर धीरे-धीरे सिमटता जाएगा। पहले शाम साढ़े पांच बजे ही अंधेरा छा जाता था, लेकिन अब शाम छह बजे के बाद दिन ढलने लगा है और आगे इसमें और बढ़ोतरी होगी।
14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ सूर्य के उत्तरायण होने के बाद दिन बड़े होने लगते हैं। इसका असर चार-पांच दिन के भीतर ही दिखाई देने लगा है। रविवार को दोपहर के समय तेज धूप महसूस की गई और रायपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि इससे पहले रात के समय रायपुर, दुर्ग और माना के कुछ इलाकों में ठंड का असर बना रहा।
अगले 24 घंटों में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। लेकिन आने वाले दिनों में सक्रिय तीन पश्चिमी विक्षोभों के कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे 26 जनवरी तक ठंड का असर कमजोर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सीजन में माना क्षेत्र में ठंड ने बीते 15 वर्षों में पहली बार इतना तेज असर दिखाया। वहीं मैनपाट, बलरामपुर, जशपुर और अन्य सीमावर्ती इलाकों में रात का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का असर पहले रिहायशी इलाकों से कम होगा और बाद में आउटर क्षेत्रों में सिमटेगा, क्योंकि खुले इलाकों में मौसम का प्रभाव तेजी से महसूस होता है।