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Chhattisgarh's daughters put up a stellar performance in Thai boxing, winning 7 medals, including 6 gold.
रायपुर। महाराष्ट्र के नांदेड में आयोजित 17वीं नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की बालिका खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया। 21 से 23 अगस्त तक गुरु गोविंद सिंह इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 1 कांस्य सहित कुल 7 पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के आधार पर छत्तीसगढ़ को टीम रैंकिंग में पांचवां स्थान मिला।
प्रतियोगिता में रायपुर की मानसी तांडी और पिंकी गुप्ता ने अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों ने मुकाबलों में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर प्रदेश को गौरवान्वित किया।
दंतेवाड़ा के एकलव्य खेल परिसर जावंगा-गीदम की खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे खास रहा। यहां की लच्छी कोवासी, राजकुमारी, सोमारी कवासी और रामे कवासी ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं सुनीता ने कांस्य पदक हासिल किया।
जावंगा-गीदम की खिलाड़ियों ने अकेले 4 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज सहित कुल 5 पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
नांदेड में आयोजित इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश के 18 राज्यों से करीब 450 खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हुए। कड़े मुकाबलों के बीच छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम रैंकिंग में पांचवां स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता की टीम रैंकिंग में महाराष्ट्र पहले, तमिलनाडु दूसरे और तेलंगाना तीसरे स्थान पर रहा।
छत्तीसगढ़ के लिए यह उपलब्धि केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। दंतेवाड़ा की कोच टिकेश्वरी साहू ने प्रतियोगिता में फीमेल टेक्निकल पैनल की जिम्मेदारी निभाई। वहीं दुर्ग के विक्की भारती और करण चेलक ने राष्ट्रीय निर्णायक परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
थाई बॉक्सिंग में छत्तीसगढ़ की बालिका खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को मिल रहे अवसरों और प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम मानी जा रही है। खासतौर पर दंतेवाड़ा के जावंगा-गीदम की खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह दिखाता है कि आदिवासी अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।