

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh government achieves major success in digital governance, ranks among top 3 in the country's IT rankings
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव आईएएस अंकित आनंद ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सेवा सेतु, डिजिटल राजस्व प्लेटफॉर्म, आधार सेवाएं, जीआईएस और अन्य ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश में आईटी गवर्नेंस के क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा।
सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल सेवा मंच, 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध
आईएएस अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 29 अप्रैल 2026 को सेवा सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया था। मात्र तीन महीनों में इस पोर्टल का बड़े स्तर पर विस्तार किया गया और अब इसके माध्यम से 35 विभागों की 564 सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में सेवा सेतु पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। यह पोर्टल आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ा राजस्व, खनिज ऑनलाइन 2.0 से 30 हजार करोड़ से ज्यादा की आय
प्रेस वार्ता में अंकित आनंद ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को मजबूत करने के साथ-साथ राजस्व वृद्धि में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से अब तक 30,311 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं वन क्लिक-सिंगल विंडो 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
बस्तर से भारतनेट तक डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार
आईटी सचिव ने बताया कि राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'बस्तर मुन्ने' पोर्टल के माध्यम से भी बेहतर परिणाम मिले हैं। वहीं मोबाइल नेटवर्क विस्तार के तहत पिछले ढाई वर्षों में 1,273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारतनेट फेज-3 के तहत शेष ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाएं और फाइबर टू होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा, जिससे डिजिटल समावेशन को और मजबूती मिलेगी।
एआई मिशन से युवाओं और स्टार्टअप्स को मिलेगा नया अवसर
अंकित आनंद ने बताया कि भविष्य की तकनीकी जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ एआई मिशन को प्राथमिकता दी है। इसके तहत प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रशिक्षण, नवाचार और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद चिप्स (CHiPS) के सीईओ आईएफएस मयंक अग्रवाल ने भी डिजिटल परियोजनाओं की जानकारी साझा की। आईएएस अंकित आनंद ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा तक सीमित रखना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तेज गति से काम कर रहा है और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।