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Cow sitting on the road causes death; car runs over youths who fell off their bike; major question raised again amidst High Court's strict stance.
रायपुर। रायपुर में सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। कचना इलाके में रविवार देर रात सड़क पर बैठी गाय से टकराकर गिरे दो बाइक सवारों को पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, चंद्रशेखर नगर निवासी 23 वर्षीय करण नायक अपने दोस्त रोशन जगत के साथ एक परिचित से मिलने कचना गए थे। रात करीब 11:30 बजे दोनों बाइक से लौट रहे थे। शांति सरोवर रोड पर अंधेरे में सड़क पर बैठी गाय दिखाई नहीं दी और बाइक सीधे उससे टकरा गई। दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। तभी पीछे से तेज रफ्तार कार आई और दोनों को कुचलते हुए निकल गई।राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान करण नायक की मौत हो गई। रोशन जगत की हालत गंभीर बनी हुई है।
करण नायक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था और उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है। पिता के निधन के बाद महज 15 साल की उम्र से करण ने मजदूरी और हमाली कर परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले दो वर्षों से वही अपनी बुजुर्ग मां और पत्नी का एकमात्र सहारा था। अब परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ हिट एंड रन का मामला दर्ज किया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है।
राजधानी की सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगातार बना हुआ है। आउटर इलाकों से लेकर मुख्य मार्गों तक कई जगह मवेशी सड़क पर बैठे दिखाई देते हैं, जिससे खासकर रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।इस वर्ष जनवरी से अब तक रायपुर में आवारा मवेशियों की वजह से 16 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें तीन लोगों की जान गई, जबकि 16 लोग घायल हुए हैं। पिछले वर्ष ऐसे हादसों में आठ लोगों की मौत दर्ज की गई थी। सड़क दुर्घटनाओं के मामले में रायपुर प्रदेश में सबसे ऊपर है और शहर में ब्लैक स्पॉट की संख्या बढ़कर 26 हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ में आवारा मवेशियों के कारण 747 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 224 लोगों की मौत हुई, जबकि 533 लोग घायल हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में होने वाले कुल सड़क हादसों में 30 से 40 प्रतिशत मामलों में आवारा मवेशी बड़ी वजह बन रहे हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पिछले तीन वर्षों से आवारा मवेशियों से होने वाले हादसों पर लगातार सुनवाई कर रहा है। अदालत राज्य सरकार और स्थानीय निकायों से कई बार जवाब मांग चुकी है।हाल ही में हाईकोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर फिर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर सड़कों पर मवेशियों की समस्या खत्म क्यों नहीं हो रही। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत शपथ पत्र और प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है।
नगर निगम का दावा है कि उसकी काऊ कैचर टीमें हर महीने करीब 500 आवारा मवेशियों को पकड़कर गोठानों तक पहुंचाती हैं। मवेशियों के मालिकों से जुर्माना वसूलने की भी व्यवस्था है। इसके बावजूद शहर के खमतराई, भनपुरी, गंज, बूढ़ापारा, देवेंद्र नगर, कोटा, गुड़ियारी, टिकरापारा, संतोषी नगर, अमलीडीह और फुंडहर रोड जैसे कई इलाकों में बुधवार को भी बड़ी संख्या में मवेशी खुलेआम सड़कों पर दिखाई दिए।लगातार हादसों के बाद अब लोगों की मांग है कि केवल अभियान चलाने के बजाय सड़कों से आवारा मवेशियों को स्थायी रूप से हटाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।