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Chhattisgarh's power in BJP's victory from Bengal to Assam, lotus bloomed wherever the Chief Minister reached
रायपुर। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की हालिया चुनावी सफलताओं में छत्तीसगढ़ के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका सामने आई है। प्रचार अभियान, संगठन विस्तार, रैलियों के संचालन और कार्यकर्ताओं के समन्वय में छत्तीसगढ़ भाजपा की टीम ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं, जिसका असर चुनाव परिणामों में भी दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बंगाल में संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल के झारग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया। इन सभी क्षेत्रों में भाजपा को जीत मिली। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की सभाओं और जनसंपर्क अभियान का स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
संगठन महामंत्री पवन साय की रणनीति सफल
भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय करीब छह महीने तक पश्चिम बंगाल में सक्रिय रहे। उनके प्रभार वाली 56 सीटों में से 49 पर भाजपा ने जीत हासिल की। इसे संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर पर प्रभावी रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
असम में ओपी चौधरी और अरुण साव की सक्रियता रंग लाई
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने असम में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। उनके प्रभार वाले 9 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को सफलता मिली। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव को असम के लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 8 सीटों का प्रभार दिया गया था। वे लगभग 45 दिनों तक असम में डटे रहे और सभी सीटों पर भाजपा को जीत मिली।
राजेश मूणत और शिवरतन शर्मा का प्रभावी प्रबंधन
पूर्व मंत्री राजेश मूणत को पश्चिम बंगाल में 7 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें से 6 सीटों पर भाजपा को जीत मिली। भाटापारा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के जिम्मे रहे सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने जीत दर्ज कराई। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका अहम रही।
अमित शाह की रैलियों के संचालन में जुटे विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैलियों और आम सभाओं के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चुनाव अभियान के दौरान अमित शाह ने 60 से अधिक स्थानों पर करीब 66 रैलियों और सभाओं को संबोधित किया। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में विजय शर्मा लगातार सक्रिय रहे।
गजेंद्र यादव और टंक राम वर्मा भी रहे मैदान में
मंत्री गजेंद्र यादव और टंक राम वर्मा भी लगातार प्रचार अभियान में सक्रिय रहे। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाओं और संगठनात्मक बैठकों के जरिए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
कार्यकर्ताओं के समन्वय में सौरभ सिंह और सोशल मीडिया टीम की भूमिका
सीएमडीसी अध्यक्ष सौरभ सिंह को कार्यकर्ताओं के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी मितुल कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्र, अनुराग सिंहदेव एवं नीलू शर्मा कोलकाता में लगातार सक्रिय रहे।
पुडुचेरी में युवा मोर्चा अध्यक्ष राहुल टिकरिहा की जिम्मेदारी
भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राहुल टिकरिहा को पुडुचेरी के 6 क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें से 3 क्षेत्रों में भाजपा को जीत मिली।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने भी संभाली कमान
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री तोखन साहू के प्रभार वाली असम की 8 सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की। पार्टी नेताओं ने इसे सामूहिक रणनीति और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया है।