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Chhattisgarh token system abolished
रायपुर। खरीफ सीजन के बीच राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खाद वितरण की टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए पहले की तरह टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित वितरण केंद्रों से अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।
पहले लागू टोकन प्रणाली के तहत बड़े किसानों को तीन, मध्यम किसानों को दो और छोटे किसानों को एक टोकन दिया जाता था। इस व्यवस्था के कारण कई किसानों को समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही थी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
किसानों की लगातार शिकायतों और खरीफ सीजन की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से प्रदेश के 40 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और खाद वितरण प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए टोकन प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों को खाद लेने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और वे बिना किसी बाधा के अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकें।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से खरीफ फसलों की बुवाई और खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होने से उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।