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Chhattisgarh's innovations in GST administration acclaimed at the national level; also secured a place in the Law Committee.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में GST प्रशासन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए किए जा रहे तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नई दिल्ली में आयोजित GST परिषद की बैठक में राज्य की तकनीक आधारित पहलों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को GST परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में भी प्रतिनिधित्व मिला है। इससे प्रदेश के व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया। वहीं, राज्य में लागू तकनीकी सुधारों पर तैयार प्रस्तुतीकरण राजस्व सचिव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किया। इसे देश के अन्य राज्यों के साथ भी साझा किया गया।
मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स से GST प्रशासन में सुधार
छत्तीसगढ़ में GST प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों के जरिए कर संबंधी आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण करने, कर अनुपालन में सुधार लाने और संभावित अनियमितताओं की समय पर पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ करदाताओं को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने प्रस्तुत किए गए नवाचार
GST परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित कर प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी गई। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि आधुनिक तकनीकों की मदद से कर प्रशासन की दक्षता बढ़ाने, उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर उपयोग करने और कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने में किस तरह मदद मिल सकती है।
राज्य की इन पहलों को अन्य राज्यों के साथ साझा करते हुए उन्हें अपने अनुभवों से सीखने और अपनी जरूरतों के अनुसार ऐसे नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे पहले छत्तीसगढ़ के इन नवाचारों को राष्ट्रीय समन्वय समिति की छठी बैठक में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व
GST प्रशासन से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ को GST परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स यानी लॉ कमेटी में शामिल किया गया है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल के बाद राज्य को मिली इस जिम्मेदारी से राष्ट्रीय स्तर पर GST कानूनों और प्रक्रियाओं से संबंधित चर्चा में उसकी भागीदारी बढ़ेगी।
लॉ कमेटी में विभिन्न राज्यों के अधिकारी GST कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं, कानूनी प्रावधानों की व्याख्या और व्यापार-उद्योग से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस समिति में छत्तीसगढ़ को देश के 12 प्रमुख राज्यों में प्रतिनिधित्व मिलने से प्रदेश के अनुभवों और सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा।
व्यापारियों और उद्योगों की समस्याएं राष्ट्रीय स्तर पर उठेंगी
लॉ कमेटी में प्रतिनिधित्व मिलने से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, औद्योगिक संगठनों, कर सलाहकारों और व्यापारिक संस्थाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
GST कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली प्रक्रियागत जटिलताओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को संकलित कर समिति के सामने रखा जा सकेगा। इन मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक सुझाव GST परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
इससे प्रदेश के व्यापार और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को कर कानूनों और प्रक्रियाओं से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की चर्चाओं में शामिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही GST व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य अपनी भूमिका निभा सकेगा।
तकनीक आधारित कर प्रशासन को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में GST प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए तकनीकी नवाचारों और व्यापार सुगमता पर जोर दिया जा रहा है। मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा विश्लेषण के माध्यम से विभागीय निगरानी, कर अनुपालन और राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने और GST लॉ कमेटी में प्रतिनिधित्व मिलने से छत्तीसगढ़ को अपने अनुभवों के आधार पर सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ व्यापारियों और उद्योगों के लिए GST से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और सुविधाजनक बनाना है।