

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh custom milling scam ramgopal agrawal arrested ed remand
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से ED को पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मिली है। अब जांच एजेंसी उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी। रामगोपाल अग्रवाल को 13 अक्टूबर को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
प्रोडक्शन वारंट के जरिए अदालत में पेशी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल को प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद ED ने कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में उन्हें गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने मामले की आगे की जांच और पूछताछ के लिए अदालत से पांच दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे मंजूरी दे दी गई।
अब ED रिमांड के दौरान उनसे घोटाले से जुड़े तथ्यों, कथित लेन-देन और मामले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी सामने आती है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला मामला?
छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग व्यवस्था के तहत धान की मिलिंग कर चावल तैयार किया जाता है, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार को सौंपा जाता है। इस व्यवस्था में मिलरों को प्रोत्साहन राशि और अन्य भुगतान से संबंधित प्रावधान भी होते हैं।
कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेन-देन को लेकर जांच की जा रही है। ED इस मामले में आर्थिक गतिविधियों और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
13 अक्टूबर को फिर होगी पेशी
रामगोपाल अग्रवाल को पांच दिन की ED रिमांड पर भेजे जाने के बाद जांच एजेंसी को पूछताछ का अवसर मिलेगा। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 13 अक्टूबर को अदालत में दोबारा पेश किया जाएगा। इसके बाद अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लेगी।
फिलहाल, इस मामले में ED की पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।