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Chief Minister attends NSS state-level Foundation Day and Felicitation Ceremony; honors outstanding volunteer.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस पर एनएसएस के सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को केवल सामाजिक गतिविधियों से नहीं जोड़ती, बल्कि उनमें सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करती है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा समाज और आसपास की परिस्थितियों को संवेदनशीलता से समझना सीखता है।
उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ काम करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। स्वच्छता अभियान, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति जैसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने एनएसएस स्वयंसेवकों से प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस स्वयंसेवक स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे अभियानों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य उसके युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसर बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के प्रति युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस विभाग में करीब 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उनके अनुसार पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

उन्होंने कहा कि निवेश का लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचे, इसके लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।
नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर संसाधन और अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराने पर भी सरकार ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है।
उन्होंने बताया कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। प्रदेश में युवाओं को पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है।

उन्होंने कहा कि मैदान में मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और सेवा भावना इस यात्रा की बड़ी शक्ति है। एनएसएस के माध्यम से युवाओं में विकसित हो रहे सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार भविष्य में उन्हें राष्ट्र निर्माण में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार करेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है और शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि युवाओं की चेतना, ऊर्जा और समाज के प्रति संवेदनशीलता में होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर देती है।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया और उनके सेवा कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चम्पावत, आयुक्त रीता यादव सहित राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी और बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।