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Railways changes enforcement procedure; fines for these cases will be collected at the departmental level instead of through magistrate courts here’s what has changed.
बिलासपुर। ट्रेन में सफर के दौरान शराब पीना, धूम्रपान करना, नियमों के खिलाफ खान-पान की सामग्री बेचना या बिना टिकट यात्रा करना अब यात्रियों के लिए रेलवे अधिकारियों की कार्रवाई के दायरे में आएगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में ऐसे सामान्य मामलों की कार्रवाई प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी सामने आई है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित श्रेणी के मामलों में रेलवे का कमर्शियल विभाग और संबंधित जांच टीमें विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल सकेंगी।
सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह के अनुसार, पहले ऐसे मामलों में कार्रवाई के बाद आरोपी को रेल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता था। अब निर्धारित श्रेणी के सामान्य मामलों में रेलवे विभागीय स्तर पर ही कार्रवाई पूरी कर सकता है। इस व्यवस्था का एक उद्देश्य रेल मजिस्ट्रेट की अदालत में सामान्य मामलों से जुड़े प्रकरणों का बोझ कम करना बताया गया है।
नई व्यवस्था के तहत करीब 13 तरह के सामान्य मामलों को रेल मजिस्ट्रेट की अदालत वाली प्रक्रिया से अलग किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें ट्रेन या स्टेशन परिसर में शराब पीना, धूम्रपान करना, नियमों के विपरीत खान-पान की सामग्री बेचना और बिना टिकट यात्रा जैसे मामले शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी रेलवे अपराधों में न्यायिक कार्रवाई समाप्त हो गई है। गंभीर अपराधों में संबंधित कानून और निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया लागू रहेगी।
बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे की टिकट जांच लगातार जारी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में 1 से 20 सितंबर 2026 तक चलाए गए टिकट जांच अभियान में 43,710 मामलों में कार्रवाई की गई।
रेलवे के अनुसार, इस अभियान से ₹3,13,15,499 की आय अर्जित हुई। अभियान के दौरान बिना टिकट, अनियमित टिकट और बिना उचित प्राधिकार यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई।
नई व्यवस्था के तहत कुछ उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ₹250 वाले जुर्माने को बढ़ाकर ₹500 और ₹500 वाले मामलों में जुर्माना ₹1,000 तक किया गया है। कुछ मामलों में जुर्माने की राशि ₹2,500 तक निर्धारित किए जाने की जानकारी है।
नई प्रक्रिया के बीच रेलवे की जांच टीमें स्टेशनों के साथ-साथ चलती ट्रेनों में भी निगरानी कर रही हैं। टिकट जांच के अलावा यात्रियों द्वारा रेलवे के अन्य नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और ट्रेन तथा स्टेशन परिसर में शराब, धूम्रपान, खान-पान की बिक्री सहित अन्य गतिविधियों से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करें।