

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Collector takes major action against illegal opium cultivation, Agriculture Extension Officer suspended
दुर्ग। दुर्ग जिले के समोदा गांव में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अभिजीत सिंह ने मामले में कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया है।
इससे पहले प्रशासन ने एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनीता साहू से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब मिलने के बाद जांच में लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।
मक्का बताकर भेजी जाती रही रिपोर्ट
जांच में सामने आया कि जिस खेत में अफीम की फसल उगाई जा रही थी, उसे कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मक्का की फसल बताकर रिपोर्ट कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तीनों अधिकारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
दस्तावेजों में सामने आया फर्जीवाड़ा
जांच के दौरान सबसे बड़ी गड़बड़ी कृषि विस्तार अधिकारी के स्तर पर सामने आई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के जिस खेत को प्रदर्शन प्लॉट बताकर मक्का की खेती दर्शाई गई थी, वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी। इससे संकेत मिला कि अधिकारियों ने शासन को गुमराह करने के लिए खेत का स्थान बदलकर रिपोर्ट भेजी। यही नहीं, प्रदर्शन प्लॉट के नाम पर राज्य शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी गई थी।
फोटो में भी की गई गड़बड़ी
नियम के अनुसार प्रदर्शन प्लॉट की फोटो उसी किसान के साथ ली जानी चाहिए जिसे सरकारी लाभ मिलना होता है, लेकिन जांच में पाया गया कि धान के खेत के पास दूसरे किसान को खड़ा कर मक्का के नाम पर फोटो अपलोड कर दी गई। इसी खेत के पीछे अफीम की खेती भी की जा रही थी।
डिजिटल सर्वे में भी गड़बड़ी
फसलों के सर्वे के लिए नियुक्त फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में खेत का डिजिटल सर्वे कर फोटो गिरदावरी सॉफ्टवेयर में जानकारी अपलोड की थी। इसमें खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और खसरा नंबर 310 में धान की फसल दर्ज की गई थी, जबकि जांच में इन्हीं दोनों खसरा नंबरों पर अफीम की खेती होना पाया गया। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आगे की जांच जारी रखी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।