

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Colorful beginning of 'Aadi Parab' in Raipur, glimpse of tribal culture
राजधानी रायपुर में रायपुर आदि परब का रंगारंग आगाज हो गया है। यह दो दिवसीय जनजातीय उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकार भी हिस्सा ले रहे हैं।
इस वर्ष उत्सव की थीम ‘परम्परा से पहचान तक’ रखी गई है, जो जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को दर्शाती है। 14 मार्च को होने वाले समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम सहित जनजातीय समाज के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।रूपसिंह मंडावी ने किया उत्सव का उद्घाटन
रायपुर आदि परब का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई) परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने किया। इस अवसर पर राज्य अंत्यावसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेहरा, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, टीआरटीआई के संचालक हिना अनिमेष नेताम और गायत्री नेताम सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
रैंप शो और प्रदर्शनी ने बढ़ाया आकर्षण
उद्घाटन कार्यक्रम में युवाओं ने पारंपरिक जनजातीय परिधानों में रैंप वॉक कर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की शानदार झलक पेश की। इस प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी उत्साह के साथ सराहा।इसके अलावा कार्यक्रम में जनजातीय खान-पान, वेशभूषा और विभिन्न कलाकृतियों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” और “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी आयोजन का प्रमुख हिस्सा हैं, जहां छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।