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Devastating double earthquake in Venezuela: Massive destruction from tremors measuring 7.2 and 7.5 in magnitude; 32 dead, over 700 injured.
नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम दो भीषण भूकंपों से दहल उठा। शाम 6:34 बजे 7.2 और एक मिनट बाद 6:35 बजे 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंप राजधानी कराकस से लगभग 290 किलोमीटर पश्चिम में आए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
भूकंप ऐसे दिन आया जब देशभर में स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक जीत की वर्षगांठ के कारण राष्ट्रीय अवकाश था। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद होने से अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। इसी वजह से कई रिहायशी इलाकों में नुकसान अधिक हुआ।
राजधानी कराकस और उत्तरी तटीय राज्य ला गुआइरा सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई बहुमंजिला इमारतें ढह गईं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। कराकस एयरपोर्ट की छत का हिस्सा गिर गया, जबकि कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। ला गुआइरा को आधिकारिक तौर पर "डिजास्टर जोन" घोषित किया गया है।
राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। अब तक 18 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। ला गुआइरा में गिरी एक इमारत के मलबे से तीन बच्चों को जीवित बचाया गया है। देशभर में 500 से अधिक बचावकर्मी अभियान में जुटे हुए हैं।
लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के डर से हजारों लोग अपने घरों में लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कराकस समेत कई शहरों में लोगों ने पूरी रात सड़कों, पार्कों और खुले मैदानों में बिताई। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।
मुख्य भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी तेज झटके महसूस हो सकते हैं, जिससे पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
सरकार ने अगले आदेश तक देशभर के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। कई स्कूलों को अस्थायी राहत शिविर में बदल दिया गया है, जहां प्रभावित परिवारों को आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने गैस रिसाव और संभावित विस्फोटों को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है। कराकस और आसपास के क्षेत्रों में मेट्रो तथा ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गई हैं। कई इलाकों में बिजली गुल होने के कारण टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ब्राजील, अर्जेंटीना, पेरू, मेक्सिको, कोलंबिया, बोलीविया, कोस्टा रिका और एल सल्वाडोर समेत कई देशों ने वेनेजुएला को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। अमेरिका, डोमिनिकन रिपब्लिक और अन्य देशों की रेस्क्यू टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने की तैयारी कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हरसंभव मदद के लिए तैयार है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी राहत सहायता का ऐलान करते हुए सभी सरकारी एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला कैरीबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा पर स्थित है। इन प्लेटों के बीच अचानक हुई तीव्र हलचल के कारण दो बड़े भूकंप आए। वैज्ञानिकों का कहना है कि 7.5 तीव्रता का भूकंप 6.5 तीव्रता के भूकंप की तुलना में लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा छोड़ता है, इसलिए इसका विनाशकारी प्रभाव कहीं ज्यादा होता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। एजेंसी के अनुमान के अनुसार 10 हजार से अधिक मौतों की आशंका 44 प्रतिशत तक है। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के कारण वास्तविक नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने आना बाकी है।