

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Dr. Lokesh Kumar Sharan's New Book: An Analysis of Revolutionary Currents
रायपुर: प्रख्यात इतिहासकार और चिंतक डॉ. लोकेश कुमार शरण की नई पुस्तक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की क्रांतिकारी धाराएं का विमोचन सोमवार को रायपुर में होगा। नईदुनिया से बातचीत में डॉ. शरण ने स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारी विचारधारा पर अपने विचार साझा किए।
पुस्तक लिखने की प्रेरणा
डॉ. शरण ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारी आंदोलनों में उनकी रुचि लंबे समय से रही है। उन्होंने कहा, “मैं उन क्रांतिकारियों को सामने लाना चाहता था जिनका उल्लेख सामान्य पुस्तकों में नहीं है। उनके पीछे की वैचारिक सोच, संगठनात्मक अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की दृष्टि को उजागर करना मेरा उद्देश्य रहा।”
पुस्तक की खासियत
यह उनकी पांचवीं पुस्तक है और 300 पृष्ठ से अधिक में प्रकाशित हुई है। डॉ. शरण ने बताया कि पुस्तक केवल घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि क्रांतिकारी आंदोलन की वैचारिक धाराओं, विभिन्न संगठनों की कार्यप्रणाली, सामाजिक प्रभाव और युवाओं पर मानसिक प्रभाव का शोध आधारित विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
क्रांतिकारी आंदोलन और युवाओं के लिए प्रासंगिकता
डॉ. शरण के अनुसार, “क्रांतिकारी आंदोलन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र निर्माण केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वैचारिक जागरण भी है। युवाओं को त्याग, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना सीखने की आवश्यकता है।”
इतिहास लेखन की चुनौतियां
डॉ. शरण ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती प्रामाणिक स्रोतों तक पहुंच और तथ्यों की निष्पक्ष व्याख्या थी। उन्होंने शहीदों के परिवारों से मुलाकात कर सच्चाई सुनिश्चित की।