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अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में से 7 करोड़ रुपये की भारी-भरकम चोरी के मामले में शनिवार को एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महाघोटाले की परतें खोलने के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
इसी बीच, मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने वाले एक मुख्य कर्मचारी के घर पर हुई छापेमारी में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है, जहां से लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई है।
गोबर के गड्ढे में छिपाकर रखे थे लाख रुपये, 3 आरोपी हिरासत में
पुलिस और जांच एजेंसियों ने जब राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27) के घर पर दबिश दी, तो चोरी का माल छुपाने का तरीका देखकर सबके होश उड़ गए।
लवकुश मिश्रा ने चोरी की गई रकम को कमरे में रखने के बजाय घर के पीछे बने कूड़ा फेंकने के स्थान पर गोबर के गड्ढे (घूरे) में एक बोरे के भीतर छिपाकर रखा था। इस छापेमारी में अलग-अलग दावों के अनुसार ₹10 लाख से ₹12 लाख तक की नकदी बरामद की जा चुकी है. ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी लवकुश ने हाल ही में एक बार शराब के ठेके पर ही करीब ₹50 हजार रुपये खर्च कर दिए थे।
लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा भी पहले से ही मंदिर में नौकरी कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने लवकुश, अनुकल्प और रुदौली के शुजागंज (मीनापुर फगोली) निवासी एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी ने फिलहाल चंदे से जुड़े इन गंभीर आरोपों पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया है।
चंपत राय के करीबी 'टित्रु' की भूमिका संदिग्ध, फूटेज डिलीट करने का आरोप
इस पूरे चंदे विवाद में अब सुइयां सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ट्रस्ट के भीतर गहरा प्रभाव रखने वाले चेहरों तक पहुंच रही हैं।
इस समय सबसे ज्यादा चर्चा राम शंकर यादव उर्फ 'टित्रु' की हो रही है, जिसे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बेहद करीबी माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, टित्रु ने शुरुआत में चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया था, लेकिन बाद में मंदिर के कैश काउंटिंग रूम की व्यवस्था और वाउचर पर साइन करने जैसी बेहद अहम जिम्मेदारियां उसे सौंप दी गईं।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के आरोप: पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने एक सनसनीखेज वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि मंदिर के भीतर चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और पकड़े जाने के डर से वहां की सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट कर दी गई. इसके साथ ही ट्रस्ट के कुछ अन्य कर्मचारियों की अचानक से बढ़ी आलीशान जीवनशैली और संपत्ति भी अब जांच के दायरे में है.
हाई-लेवल SIT करेगी जांच, 7 दिन में देगी प्रारंभिक रिपोर्ट
चोरी की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग ने एक अत्यंत शक्तिशाली और हाई-लेवल एसआईटी (SIT) का गठन किया है। इस 3 सदस्यीय टीम में शामिल हैं।
विजय विश्वास पंत (आईपीएस / लखनऊ मंडल के कमिश्नर - अध्यक्ष)
किरण एस. (आईजी, लखनऊ रेंज)
नील रतन कुमार (विशेष सचिव, वित्त विभाग)
यह जांच दल न केवल दान पात्रों की सुरक्षा, ताले खोलने और धनराशि की गिनती करने की पूरी प्रक्रिया की खामियों की जांच करेगा, बल्कि आर्थिक अपराध नियंत्रण शाखा को भी इसमें शामिल किया गया है। एसआईटी को 7 दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
"चंदा विवाद से मेरा कोई लेना-देना नहीं, मेरा काम सिर्फ निर्माण देखना" — नृपेंद्र मिश्रा
इस पूरे बड़े विवाद के बीच शनिवार को अयोध्या पहुंचे राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने खुद को इस चंदे और चोरी के विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
“राम मंदिर निर्माण समिति की प्रत्येक पखवाड़े होने वाली बैठक में हिस्सा लेने मैं अयोध्या आया हूं। चढ़ावा चोरी या चंदे से जुड़े मामले में मुझे कुछ भी नहीं बोलना है। हमारा काम सिर्फ और सिर्फ रामलला का दर्शन-पूजन करने के बाद परिसर के विभिन्न निर्माण कार्यों की निगरानी और समीक्षा करना है।”
प्रयागराज के श्रीहनुमत निकेतन मंदिर के चढ़ावे में मिले नकली नोट, NIA की एंट्री!
चढ़ावे में हेराफेरी का एक अन्य समानांतर मामला प्रयागराज से भी सामने आया है। सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध श्रीहनुमत निकेतन मंदिर के दानपात्रों की गिनती के दौरान नकली नोट बरामद हुए हैं।
दानपात्र से 500 रुपये का एक और 100 रुपये के तीन नकली नोट मिले हैं। चूंकि मामला देश की अर्थव्यवस्था और नकली करेंसी (FICN) से जुड़ा है, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) भी इस मामले में सक्रिय हो गई है और इन जाली नोटों के सोर्स की स्क्रीनिंग कर रही है। मंदिर के रिसीवर एडीएम (आपूर्ति) विजय शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।