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Drivers across the country announce a strike starting November 12; 50 million drivers expected to participate.
रायपुर। राष्ट्रीय ड्राइवर आयोग के गठन और सभी राज्यों में ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड बनाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय ड्राइवर संगठन ने 12 नवंबर से देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस आंदोलन में देशभर के करीब पांच करोड़ ड्राइवर शामिल हो सकते हैं। हड़ताल से ट्रक और अन्य परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने के साथ रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।संगठन का आरोप है कि महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में ड्राइवरों के लिए वेलफेयर बोर्ड गठित किए जा चुके हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी नाराजगी के चलते संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है।
अखिल भारतीय ड्राइवर संगठन के मुताबिक, वर्ष 2025 में भी ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। उस दौरान शासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन 36 घंटे में स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, संगठन का कहना है कि इसके बाद भी मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं हुई।अब संगठन ने दोबारा देशव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है। हड़ताल से पहले विभिन्न राज्यों में बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक ड्राइवरों को आंदोलन से जोड़ा जा सके।
अखिल भारतीय ड्राइवर संगठन की कोऑर्डिनेशन कमेटी से जुड़े और छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सेन ने दावा किया है कि देशभर में करीब पांच करोड़ ड्राइवर हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।सेन के अनुसार, आंदोलन पहले दिन से ही पूरी ताकत के साथ शुरू किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांग राष्ट्रीय ड्राइवर आयोग का गठन और राज्यों में ड्राइवरों के कल्याण के लिए वेलफेयर बोर्ड बनाना है।
हड़ताल की घोषणा के बीच परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने ट्रक मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और संबंधित संगठनों के साथ चर्चा कर सहमति बनाने की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि बरसात के बाद से ही परिवहन कारोबार आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।ऐसे में देशव्यापी हड़ताल से माल ढुलाई, ट्रांसपोर्ट कारोबार और ड्राइवरों की आजीविका पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है। यदि बड़ी संख्या में वाहन सड़कों से हटते हैं, तो जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।फिलहाल हड़ताल को लेकर संगठन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। आंदोलन का वास्तविक असर ड्राइवरों की भागीदारी और परिवहन क्षेत्र की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।