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Durg gets development works worth Rs 79 crore
दुर्ग। सुशासन तिहार 2026 के तहत दुर्ग जिले में आयोजित जिला स्तरीय विशाल समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले को 79 करोड़ 91 लाख रुपये के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। झाडू राम देवांगन स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और विद्युत पारेषण अधोसंरचना से जुड़े कुल 11 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
इन परियोजनाओं में 51 करोड़ 93 लाख रुपये के 6 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 27 करोड़ 96 लाख रुपये के 5 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इन परियोजनाओं के पूरा होने से दुर्ग जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
चार विधानसभा क्षेत्रों को मिला विकास का लाभ
कार्यक्रम के दौरान दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 16 करोड़ 54 लाख रुपये के एक बड़े सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन और 13 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत वाले पांच कार्यों का लोकार्पण किया गया। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत के तीन विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में 85 लाख रुपये के एक सड़क निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई, जबकि पाटन विधानसभा क्षेत्र में 38 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से निर्मित महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं खेल अधोसंरचना का लोकार्पण किया गया।
जेल, कॉलेज और कार्यालय भवनों का लोकार्पण
दुर्ग शहर क्षेत्र में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें केंद्रीय जेल दुर्ग परिसर में 8 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से निर्मित आवासीय भवन शामिल हैं। इसके अलावा दुर्ग जेल में 50 बंदियों की क्षमता वाले चार नए बैरकों का निर्माण 2 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से किया गया है।
जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक संयुक्त कार्यालय भवन का निर्माण 86 लाख रुपये की लागत से पूरा किया गया है। वहीं शासकीय विज्ञान, कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा शासकीय डॉ. वामन वासुदेव पाटनकर कन्या पीजी महाविद्यालय में तीन-तीन अतिरिक्त कक्षों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
पाटन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण
पाटन विधानसभा क्षेत्र को सबसे बड़ी परियोजना के रूप में लगभग 38 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से निर्मित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडोर स्टेडियम और स्टाफ क्वार्टर की सौगात मिली। शासकीय चंदूलाल चंद्राकर पीजी कॉलेज परिसर में विकसित यह अधोसंरचना उच्च शिक्षा और खेल गतिविधियों को नई दिशा देगी।
सड़क और छात्रावास निर्माण कार्यों का भूमिपूजन
भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 16 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से चंडी मंदिर से नया पारा तक सड़क निर्माण कार्य शामिल है।
दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर, भिलाई में 100-100 सीटर कन्या एवं बालक छात्रावास निर्माण के लिए क्रमशः 3 करोड़ 92 लाख और 3 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा अंजोरा-थनौद-चंगोरी मार्ग सहित आठ अन्य सड़कों के मजबूतीकरण कार्य के लिए 2 करोड़ 97 लाख रुपये की परियोजना का भूमिपूजन किया गया।
वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में इंदिरा नगर जुनवानी से विभिन्न तीन कॉलोनियों तक पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 86 लाख रुपये की लागत वाले कार्य की आधारशिला रखी गई।
मुख्यमंत्री बोले- विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, नगरीय विकास और विद्युत अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जिले के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
पीडब्ल्यूडी की पहल से बदल रही जिले की तस्वीर
लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्ग जिले में सड़क, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत कर रहा है। इससे आवागमन आसान होने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
विभाग द्वारा पुल-पुलियों के निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पौधारोपण जैसे उपाय भी किए जा रहे हैं। आधुनिक इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) और मोबाइल लैब के जरिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है।
इन विकास परियोजनाओं से दुर्ग जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, परिवहन और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आम लोगों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आने की उम्मीद है।